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Saharanpur News: फसलों को नुकसान पहुंचा रहे निराश्रित पशु, किसान परेशान

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रेलवे कॉलोनी में घरो के बाहर विचरन करता गौवंश - फोटो : SAHARANPUR
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फसलों को बचाने के लिए खेतों में पहरा दे रहे किसान
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सहारनपुर। महानगर से लेकर देहात तक निराश्रित पशुओं से लोग परेशान हैं। पशु फसलों को चट करने के साथ उन्हें पैरों तले रौंदते हुए तहस नहस भी कर रहे हैं। कई बार ये पशु ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल भी कर चुके हैं। अपनी फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों पर पहरा देने के लिए मजबूर हैं। प्रशासन के पास पशुओं के संरक्षण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं है।
देवबंद क्षेत्र के तलहेड़ी बुजुर्ग, रास्तम, बास्तम, इस्माईलपुर, गंगदासपुर और सुलतानपुर आदि गांवों में निराश्रित पशुओं को खेतों में चरते देखा जा रहा है। किसान सुरेश, अमित, भोपाल, इसम सिंह, प्रमोद शर्मा और दिलशाद आदि का कहना है इस समय गेहूं, सरसों व जई आदि की फसल की बुवाई चल रही है। अगेती गेहूं की फसल में किसान पहला पानी भी लगा चुके हैं। जो हरी भरी खड़ी है। इन खेतों में आवारा पशुओं ने अपना डेरा जमा लिया है। सरकार ने खेतों पर तारबाड़ लगाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में किसान के लिए खेती करना मुश्किल हो रहा है। नागल क्षेत्र में गांव मीरपुर मोहनपुर, बोहडूपुर, पठोड़ी, पहाड़पुर आदि गांवों में आवारा पशु घूम रहे हैं जो गेहूं, बरसीम आदि फसल को चट कर जाते हैं। गंगोह क्षेत्र में भी छुट्टा पशुओं की खेतों में भरमार है। कुलदीप सिंह, जनेश्वर प्रसाद, असगर खान आदि का कहना है सरकार छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात नहीं दिला पा रही है।
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दस से ज्यादा ग्रामीणों को कर चुके घायल
बड़गांव क्षेत्र में छुट्टा पशु फसलें तो चौपट कर ही रहे हैं। साथ ही वो किसानों पर हमला भी कर रहे हैं। बड़गांव निवासी योगेश शर्मा, दल्हेड़ी निवासी रविंद्र और अरुण सहित दस से ज्यादा लोगों पर निराश्रित पशु हमला कर घायल कर चुके हैं। किसान ऋषिपाल सिंह ने बताया कि उसने 15 बीघा गेहूं की फसल बोई हुई है। हर रोज छुट्टा पशुओं का झुंड फसल को बर्बाद कर रहा है। पहरा भी दें तो आखिर कहां तक।
अफसर नहीं कर रहे सुनवाई
नकुड़ निवासी भाकियू जिला महामंत्री अशोक कुमार का कहना है कि क्षेत्र में सौ से ज्यादा निराश्रित पशु घूम रहे हैं। ये जिस किसान के भी खेत में घुस जाते हैं, वहां फसल को तहस नहस कर देते हैं। अधिकारियों को लिखित में शिकायत करने के बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों है।
पांच पशुओं को पकड़कर खुद ही गोशाला भिजवाया
जैनपुर के सताब सिंह ने बताया कि गत सप्ताह पांच पशुओं को अपने खेतों से पकड़ा था। इसकी सूचना तहसीलदार को देते हुए पकड़े गए पशुओं को गोशाला भिजवाने का प्रबंध कराने की मांग की थी। कई दिन तक बांट जोहने के बाद खुद ही उन्होंने व्यवस्था कर पशुओं को गोशाला भिजवाया।
फसल खाते कम हैं उजाड़ते ज्यादा
नानौता किसान सरदार बीर सिंह, हाजी सईद खान, हाजी अब्बास चौधरी, सैय्यद खंबर हुसैन, नरेश राणा का कहना है कि निराश्रित पशुओं के फसल खाने से इतना नुकसान नहीं होता जितना नुकसान उनके द्वारा फसल उजाड़ने से होता है। पशुओं को खेतों से निकालने के लिए उन्हें रात-दिन बड़ी मशक्कत व परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महानगर में भी घूम रहे पशु
सहारनपुर। महानगर में भी कोर्ट रोड, पुलिस लाइन का मैदान, रेलवे रोड पार्क में निराश्रित पशु घूमते हुए देखे जा सकते है। नगर निगम की ओर से इनको कान्हा उपवन में पहुंचाने का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
जनपद में 15 गोशाला है, जिनमें वर्तमान में करीब दो हजार पशु संरक्षित है। नवादा भजडू में 100 पशुओं की गोशाला बनवाई जा रही है, दस दिनों बाद यहां निराश्रित पशुओं को पकड़ कर संरक्षित करने का कार्य किया जाएगा।
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- डॉ. राजीव सक्सेना, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

पुलिस लाइन में विचरन करता गौवंश- फोटो : SAHARANPUR

गागलहेड़ी क्षेत्र में फसल खाते छुट्टा गौवंश- फोटो : SAHARANPUR

देवबंद क्षेत्र में फसल को नुकसान पहुंचाते छुट्टा गौवंश- फोटो : SAHARANPUR

बड़गांव के खेतों में विचरण करता छुट्टा गौवंश का समूह- फोटो : SAHARANPUR

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