गन्ना के खेत का निरीक्षण करते गन्ना अधिकारी
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सहारनपुर। भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने मंडल के तीनों जनपदों में गन्ने के साथ सहफसली खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ सहफसली खेती कर किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।
शनिवार को भारत सरकार के निदेशक ने जनपद के गांव नन्दी फिरोजपुर में किसान पद्मश्री सेठपाल सिंह के खेत पर जाकर गन्ना के साथ सहफसली का निरीक्षण किया। उन्होंने सहफसली पर पद्मश्री के अनुभव को जाना। उन्होंने गांव कुरलकी किसान विकास सिंह के खेतों में गन्ने के साथ सहफसली को देखा। ग्राम साखन कलां में स्वयं सहायता समूह द्वारा बड़चिप एवं सिंगल बड़ विधि से तैयार गन्ने की पौध का भी निरीक्षण किया। जनपद शामली के गांव रशीदगढ़, महावतपुर एवं बुटराड़ा में भी गन्ना के साथ सहफसली के खेतों को देखा।
उन्होंने मुजफ्फरनगर के ग्राम जट्ट नगला एवं बड़कली में गन्ने के साथ केले की खेती और गन्ने के साथ सरसों के खेतों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने गन्ना विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को गन्ने के साथ सहफसली के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में अब तक हुई शरदकालीन गन्ना बुवाई एवं सहफसली खेती की समीक्षा भी की।
इस दौरान जिला गन्ना अधिकारी सहारनपुर एवं मुजफ्फरनगर डॉ. आरडी द्विवेदी, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक इंद्रजीत सिंह एवं मार्कंडेय मौर्य, संजय सिंह, विनोद, सतीश एवं डॉ. यशपाल सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।