सहारनपुर। जिला कृषि अधिकारी धीरज कुमार सिंह एवं पुलिस ने देवबंद के बरला रोड पर नकली म्यूरेट ऑफ पोटाश बनाने की एक फैक्टरी में छापा मारकर सारा कच्चा माल सील कर दिया। उन्होंने फैक्टरी संचालक के विरुद्ध वाद दायर कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस उर्वरक का प्रयोग फसलों के साथ ही मृदा के लिए हानिकारक साबित होता।
शुक्रवार को जिला कृषि अधिकारी ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से देवबंद के बरला रोड पर नकली उर्वरक बनाने की इकाई पर छापा मारा। छापे के दौरान टीम को नमक और गेरुआ रंग का स्टॉक मिला। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि एक सूचना पर मारे गए छापे में नमक और गेरुए रंग के बैग मिले, साथ ही बोरी को सिलने वाली मशीन भी मौके पर मिली। उन्होंने बताया कि यहां पर कई ब्रांड के खाली कट्टे भी मिले। पूरे सामान को सील कर रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। पूरा मामला पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगा।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं फसल सुरक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा का कहना है कि नकली पोटाश बनाने के लिए नमक का प्रयोग फसलों के साथ ही मृदा के स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक साबित होता। उन्होंने बताया कि नमक से जमीन का पीएच मान बढ़ जाता है जिसका विपरीत प्रभाव मृदा की उर्वरता पर पड़ता है। नमक का प्रयोग जिस भूमि में होता है उसकी उर्वरता में कमी आ जाती है। इसके प्रयोग से फसल भी कमजोर होने की संभावना रहती, जबकि किसान पोटाश का प्रयोग फसल की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने करते हैं।