-नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 60 से 70 मरीज आई फ्लू के आ रहे
-छोटे बच्चों में अधिक शिकायत, सोमवार को ओपीडी में 1680 मरीज पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बारिश के सीजन में आंखों के संक्रमण (कंजेक्टिवाइटिस) का हमला तेज हो गया है। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 60 से 70 मरीज आंखों में पानी, जलन, दर्द और ललिमा की शिकायत लेकर आ रहे हैं। आई फ्लू की चपेट में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। बच्चों की आंखों में अधिक दिक्कत है।
बारिश में आर्द्रता बढ़ी होने से वायरल ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। इन दिनों बड़ों से लेकर बच्चों तक वायरल कंजेक्टिवाइटिस का शिकार हो रहे हैं। सोमवार को एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सकों को 1680 मरीज दिखाने के लिए पहुंचे। सर्वाधिक ओपीडी नेत्र रोग विशेषज्ञ की हुई। ओपीडी में 200 से 250 मरीजों ने अपनी आंख दिखाई। इनमें 60 से 70 मरीज ऐसे निकले, जिनमें आई फ्लू की शिकायत मिली।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रामानंद ने बताया कि आंखों का संक्रमण बरसात के मौसम में ज्यादा फैलता है। यह एक संक्रामक रोग है, जो एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। बच्चे और बुजुर्ग इसके अधिक शिकार होते हैं। इस संक्रमण से आंखों में जलन, चुभन होती है। आंखों से पानी आने लगता है। आंखें लाल हो जाती है। आंखों में दर्द और खुजली भी होती है। कई बार बुखार भी आ जाता है।
ये हैं लक्षण
एक या दोनों आंखों का लाल होना।
-आंख में जलन या खुजली होना।
-चुभन होना व दर्द रहना।
-आंखों से पानी निकलना या चिपचिपाहट होना।
-आंखों में किरकरी महसूस होना व सूजन आ जाना।
बचाव
-आंखों को हाथ से न छुएं।
-काला चश्मा लगाएं।
-हर दो घंटे में साबुन से हाथ धोएं।
-नियमित रूप से एंटी बायोटिक आई ड्रॉप डालें।
-रोगी से हाथ मिलाने से परहेज करें।
-अपने रुमाल, तौलिया, तकिया के कवर आदि रोज धोएं।
-आंखों को ठंडे पानी से बार-बार धोएं।
वर्जन
ओपीडी में आई फ्लू के मरीज आ रहे हैं। यह संक्रमण बारिश के मौसम में अधिक फैलता है। इस रोग की अनदेखी या गलत इलाज की वजह से आंख की बाहरी परत कॉर्निया को भी संक्रमण होने का खतरा रहता है। बदलते मौसम में आंखों का विशेष ध्यान रखें। बच्चों को लेकर लापरवाही न बरतें।
-डॉ. मनु तनेजा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, एसबीडी जिला अस्पताल