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Saharanpur News: अंतरराष्ट्रीय स्तर के डिजाइन एवं ट्रेनिंग सेंटर से निर्यात को लगेंगे पंख

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- जनपद में खुलेगा अंतरराष्ट्रीय डिजाइन एवं ट्रेनिंग सेंटर
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- अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक देंगे कारीगरों को प्रशिक्षण


- सीएम ने मांगा है प्रस्ताव, उद्योग विभाग तैयार कर रहा विस्तृत प्रस्ताव



फोटो समाचार



देवेंद्र कुमार


सहारनपुर। जनपद में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का डिजाइनिंग एवं ट्रेनिंग सेंटर खुलेगा। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के डिजाइन तैयार किए जाएंगे। साथ ही इस सेंटर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक कारीगरों को प्रशिक्षण देंगे। इससे जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात में इजाफा होने की संभावना है। उद्योग विभाग के अधिकारी इस सेंटर के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने में जुटे हैं।


जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की दुनिया भर में काफी मांग है। जनपद में काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का वार्षिक कारोबार करीब 1400 से 1600 करोड़ रुपये का है। इसमें से 1100 से 1200 करोड़ रुपये का निर्यात विश्व के कई विदेशों में होता है। इस उद्योग से करीब एक से सवा लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिल रहा है। इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जिले में न सिर्फ कलस्टर स्थापित किया जा रहा है बल्कि सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी) का निर्माण भी अंतिम चरण में है।
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काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की गुणवत्ता और बेहतर करने के लिए जनपद में अंतरराष्ट्रीय स्तर का वुडेन हैंडीक्राफ्ट डिजाइनिंग एवं ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योग विभाग से प्रस्ताव मांगा है। उद्योग विभाग के स्थानीय अधिकारी इस सेंटर के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने में जुट गए हैं। इस डिजाइनिंग एवं ट्रेनिंग सेंटर में न सिर्फ काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय डिजाइन तैयार किए जाएंगे बल्कि कारीगरों को भी मास्टर ट्रेनरों से प्रशिक्षित कराया जाएगा। जिससे काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की गुणवत्ता और बेहतर होने से इनके निर्यात में इजाफा हो सकेगा। संवाद


कई देशों में होता है निर्यात


जनपद से काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात विश्व के कई देशों में होता है। इसमें 40 से 45 प्रतिशत अमेरिका, 20 से 25 फीसदी यूरोपीय देशों और 10 से 15 प्रतिशत निर्यात मध्य पूर्व के देशों में होता है। फ्रांस, जर्मनी, इटली, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, स्वीडन, आस्ट्रेलिया, डेनमार्क, नीदरलैंड, दक्षिणी अफ्रीका, दुबई के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, रूस, यूक्रेन आदि में भी काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों को काफी पसंद किया जाता है।
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प्रस्ताव हो रहा तैयार


जनपद में काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का डिजाइनिंग एवं ट्रेनिंग सेंटर खुलेगा। इसके लिए हाल ही में लखनऊ में हुए एक कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रस्ताव मांगा है। विभाग इसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है। इसके बनने से न सिर्फ काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी बल्कि इसका निर्यात में भी इजाफा होगा। - सिद्धार्थ यादव, उपायुक्त उद्योग
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