सहारनपुर। जनपद के निर्यातकों के लिए अच्छी खबर है। जिला उद्योग केंद्र परिसर में जल्द ही निर्यात फैसिलिटेेशन सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए उद्योग विभाग ने 62 लाख रुपये का इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया है। इस सेंटर से निर्यातकों को न केवल निर्यात संबंधी नवीनतम जानकारियां मिल सकेंगी बल्कि निर्यातकों को दी जाने वाले विभिन्न योजनाओं की अनुदान राशि भी प्राप्त होगी।
जनपद में वुड कार्विंग उत्पादों से लेकर आम तक का विदेशों में निर्यात होता है। प्रतिवर्ष 1250 से 1500 करोड़ रुपये का निर्यात होता है। इसमें काष्ठ हस्तशिल्प उत्पाद की सबसे बड़ी भूमिका है। निर्यात को बढ़ावा देने और निर्यातकों को सुविधा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार जनपद के जिला उद्योग केंद्र परिसर में निर्यात फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित करेगी। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र ने 62 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया है। इस सेंटर में निर्यातकों को निर्यात संबंधी तमाम जानकारियां उपलब्ध होंगी। इस सेंटर में एक हॉल, बिजनेस सेंटर, मीटिंग हॉल, कॉल सेंटर सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। निर्यातकों को विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाले अनुदान को भी यहीं से दिया जाएगा। इस सेंटर का निर्माण उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम कराएगा।
सह उत्पाद के रूप शामिल होगा होजरी उद्योग
उद्योग उपायुक्त सिद्धार्थ यादव ने बताया कि होजरी उद्योग को जल्द ही एक जनपद एक उत्पाद के सह उत्पाद में शामिल किया जाएगा। इससे जनपद के होजरी उद्योग को काफी लाभ होगा। जनपद में होजरी की छोटी बडी करीब 350 इकाइयां हैं। इसका वार्षिक कारोबार 800 करोड़ से अधिक है। इस उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
जिला उद्योग केंद्र परिसर में निर्यात फैसिलिटेशन सेंटर बनाने के लिए 62 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया गया है। इस सेंटर पर उद्यमियों और निर्यातकों को निर्यात के लिए विश्व बाजार संबंधी तमाम जानकारियां मिल सकेंगी। उम्मीद है कि जल्द ही इस सेंटर के निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। --- सिद्धार्थ यादव, उद्योग उपायुक्त।