सहारनपुर। अधिकारों की जानकारी के अभाव में आए दिन उपभोक्ता शोषण का शिकार हो रहे हैं। इसके चलते जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अब तक 12036 वाद दायर हुए हैं। इनमें से 11077 वादों का निस्तारण हुआ है, जबकि 959 वाद अभी लंबित हैं। इनमें बिजली, बीमा, बैंक, डाक विभाग, दुकानदार से संबंधित मामले अधिक हैं।
जनपद में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कोर्ट की स्थापना 1990 में हुई थी। उपभोक्ता अदालत में बिजली, बैंक, बीमा, डाक विभाग, दुकानदार और विभिन्न उत्पादों द्वारा गुणवत्ता का पालन नहीं करने तथा मानसिक उत्पीड़न करने सहित अन्य मामलों के वाद दायर होते हैं। जनपद में इसकी स्थापना के बाद अब तक 12,036 वाद दायर हुए हैं। 959 मामले लंबित पड़े हैं। अधिकांश मामलों में उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों से अनजान होने के चलते शोषण का शिकार होना सामना आया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में पांच लाख रुपये तक के वाद पर कोई फीस नहीं लगती है।
ऐसे करें शिकायत
-शिकायतकर्ताओं तथा विपरीत पार्टी के नाम का विवरण और पता
-शिकायत से संबंधित तथ्य एवं यह सब कब, कहां और कैसे हुआ
-शिकायत से उल्लिखित आरोपों के समर्थन में दस्तावेज
-शिकायत पर शिकायतकर्ताओं या उसके प्राधिकृत एजेंट के हस्ताक्षर होने चाहिए
-शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी वकील की आवश्यकता नहीं, अगर आपको उपभोक्ता कानून का पर्याप्त ज्ञान है।
-नाममात्र न्यायालय शुल्क
कहां करें शिकायत
यह सामान सेवाओं की लागत या मांगी गई क्षतिपूर्ति पर निर्भर करता है। यदि वह 50 लाख रुपये से कम है जिला आयोग में। यदि यह 50 लाख रुपये से अधिक लेकिन दो करोड़ रुपये से कम है राज्य आयोग लखनऊ के समक्ष। यदि दो करोड़ रुपये से अधिक है यह राष्ट्रीय आयोग नई दिल्ली के समक्ष कर सकते हैं।