सहारनपुर। यूपी बोर्ड की दसवीं और 12वीं की परीक्षा में नकल होने से रोकने के लिए इंटरनेट का जाल बिछाया जाएगा। वेबकास्टिंग के जरिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र के परिसर के साथ ही प्रत्येक कक्ष को कंट्रोल रूम के साथ जोड़ा जाएगा। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तो प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम लखनऊ में बनेगा। इन दोनों केंद्रों पर बैठकर अधिकारी किसी भी केंद्र और कक्ष की निगरानी कर सकेंगे।
बोर्ड परीक्षाएं 16 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस बार जनपद में 98 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों को सीधे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बनने वाले कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। जहां से अधिकारी किसी भी केंद्र और कक्ष में चल रही परीक्षा की स्थिति का सीधे जायजा ले सकेंगे। यदि किसी परीक्षा केंद्र पर किसी भी तरह की कोई हरकत या गड़बड़ी दिखाई देगी तो उसकी संबंधित केंद्र व्यवस्थापक के साथ ही फील्ड में रहने वाली टीम यानी सचल दल को सूचना दी जाएगी। इतना ही नहीं, वेबकास्टिंग के जरिए केवल जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से ही नहीं, बल्कि लखनऊ में बैठे अधिकारी भी परीक्षा व्यवस्था को अपनी स्क्रीन पर देख सकेंगे। बीते सप्ताह परीक्षा को लेकर जिलाधिकारी अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी केंद्र व्यवस्थापकों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक योगराज सिंह ने बताया कि परीक्षाओं को नकल विहीन कराना सरकार और विभाग की पहली प्राथमिकता है। प्रशासनिक एवं विभागीय स्तर से कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं। रही बात परीक्षा की ऑनलाइन निगरानी की तो वेबकास्टिंग के जरिए जनपद के सभी 98 परीक्षा केंद्रों के प्रत्येक कक्ष को वेबकास्टिंग से जोड़ा जाएगा। जिसके जरिए परीक्षा व्यवस्था पर कंट्रोल रूम से भी नजर रखी जाएगी।