- शेल कंपनियों को बनाकर खरीदी सात चीनी मिलें, खनन की अवैध कमाई को किया निवेश
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। सहारनपुर के खनन माफिया और पूर्व बसपा एमएलसी मोहम्मद इकबाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत में अनुपूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। ईडी की जांच में सामने आया है कि मोहम्मद इकबाल ने बीएसएस एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की संपत्तियों (जमीन) का कम मूल्य दर्शाकर 54.21 करोड़ रुपये गैरकानूनी तरीके से अर्जित किए।
बताते चलें कि मोहम्मद इकबाल के खिलाफ हुई ईडी की जांच में शेल कंपनियों के द्वारा बसपा सरकार में सात चीनी मिलों को खरीदे जाने का पता चला था। इसे खरीदने वाली गिरियाशो कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और नम्रता मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड मोहम्मद इकबाल और उनके करीबी संचालित करते थे। जांच में सामने आया है कि इकबाल ने खनन के कारोबार से बड़े पैमाने पर अर्जित काली कमाई से अरबों रुपये की चल-अचल संपत्तियों को खरीदा था, जिनमें सात चीनी मिलें भी शामिल थीं। इसके लिए इकबाल और उनके परिवार के सदस्यों ने कंपनियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये की फर्जी लेन-देन दिखाकर फर्जीवाड़ा अंजाम दिया था।
चार साल तक चली जांच
21 चीनी मिलों को बेचने के मामले की जांच ईडी ने चार साल पहले शुरू की थी। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य चीनी निगम लिमिटेड ने इस प्रकरण की गोमतीनगर थाने में 9 नवंबर 2017 को एफआईआर दर्ज कराई थी। करीब छह माह बाद राज्य सरकार ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। ईडी की जांच में सामने आया है कि मोहम्मद इकबाल और उसके करीबियों ने फर्जी कंपनियों के जरिए काल्पनिक बैलेंस शीट और लेन-देन दिखाकर चीनी मिलों को औने-पौने दामों में खरीदा। इस प्रकरण में ईडी ने इकबाल के दो बेटों और करीबी कारोबारी के अलावा कागजों पर कंपनियों के संचालक बनाए गए दिल्ली के रोहिणी निवासी राकेश शर्मा, सुमन शर्मा, गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी धर्मेंद्र गुप्ता, सहारनपुर निवासी सौरभ मुकुंद, मोहम्मद जावेद, बेहट निवासी मोहम्मद नसीम अहमद और मोहम्मद वाजिद को भी नामजद किया था।