सहारनपुर। महानगर में ई-रिक्शाओं और टेंपो चालकों ने सड़कों पर बेतरतीब वाहन खड़ा करने के साथ ही अवैध स्टैंड भी बना लिए है। इसकी वजह से यातायात व्यवस्था बिगड़ने से शहर में जाम लग रहा है और लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसमें यातायात पुलिस के तमाम दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं।
दरअसल, शहर में ई-रिक्शा और टेंपो की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोरोना काल से पहले इनके रूटों का निर्धारण किया गया था, लेकिन इससे व्यवस्था चरमरा गई थी। इसके बाद दोबारा यातायात पुलिस इनके रूटों का निर्धारण नहीं कर पाई है। महानगर में घंटाघर से देहरादून रोड, अंबाला रोड, कोर्ट रोड और नेहरू मार्केट की तरफ ई-रिक्शा और टेंपो बेतरतीब सड़कों पर खड़े रहते हैं। इतना ही नहीं इन्होंने अंबाला रोड और देहरादून रोड पर घंटाघर के नजदीक ही अवैध स्टैंड भी बना लिए हैं। इन वाहनों के बेतरतीब खड़े होने की वजह से यातायात व्यवस्था बिगड़ती जा रही है और लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है। जाम से निजात दिलाने के लिए यातायात पुलिस के पास कोई ठोस योजना नहीं है और दावे भी खोखले साबित होते आए हैं।
निर्धारित संख्या में रूट प्लान हो लागू तो मिले राहत
ई-रिक्शाओं और टेंपो का रूट प्लान मार्गों के हिसाब से निर्धारित संख्या में लागू हो तो जाम से निजात मिल सकती है। पिछले दिनों यातायात पुलिस ने योजना बनाई थी, लेकिन योजना सिर्फ कागजों में ही सिमट गई। कोर्ट रोड के व्यापारी नेता सरदार गुरमेहर सिंह और घंटाघर के साइकिल कारोबारी गुलशन तनेजा का कहना है कि यातायात पुलिस की लापरवाही की वजह से ई-रिक्शा और टेंपो चालक मनमानी करते हैं, जिसकी वजह से जाम लगता है। पुलिस को जाम से निपटने को ठोस योजना बनानी चाहिए।
टूटी सड़कों की वजह से स्थिति ज्यादा खराब
एक तरफ जहां ई-रिक्शा और टेंपो चालक मनमानी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इन दिनों स्मार्ट सिटी के तहत सीवर लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों की वजह से भी स्थिति ज्यादा खराब है। देहरादून रोड और अंबाला रोड पर कार्य चल रहा है।
सड़कों पर बेतरतीब वाहन खड़ा करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चालकों की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। यातायात पुलिस का प्रयास रहता है कि जाम न लगे। - सिद्घार्थ वर्मा, एसपी ट्रैफिक