सहारनपुर के पांवधोई नदी में गिरी ईरिक्शा
सहारनपुर। पांवधोई नदी की बीते करीब चार महीने से टूटी दीवार हादसों की वजह बन रही है। बुधवार को एक ई-रिक्शा नदी में जा गिरी, जिसमें रखा सामान तो खराब हो ही गया। साथ ही चालक भी चोटिल हो गया। स्थानीय लोगों ने रस्सी की मदद से बमुश्किल ई-रिक्शा को नदी से बाहर निकाला। बीते एक महीने में नदी में वाहन गिरने का यह दूसरा मामला है।
ई-रिक्शा चालक नितिन हकीकतनगर के रहने वाले हैं। वह बुधवार की दोपहर ई-रिक्शा में सामान लादकर अग्रवाल धर्मशाला के सामने से गुजर रहे थे। तभी बगल से दूसरा वाहन गुजरने के कारण उनकी ई-रिक्शा नदी की दीवार न होने के कारण नदी में जा गिरी। ई-रिक्शा गिरते देख आसपास के लोग जमा हो गए। उन्होंने पहले ई-रिक्शा चालक और बाद में सामान को बाहर निकाला। अंत में रस्सियों की मदद से ई-रिक्शा को बाहर खींचा। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 25 दिन पहले एक बाइक सवार व्यक्ति दीवार न होने के कारण नदी में जा गिरा था। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि नगर निगम और सिंचाई विभाग नदी की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। धोबीघाट से पहले छोटे पुल की दोनों साइड के रैंप टूट चुके हैं। उसकी ग्रिल भी टूटकर गायब हो चुकी है। पुल से भी राहगीरों के गिरने का डर बना हुआ है।
महीने में होते हैं 10 से 15 कार्यक्रम
पांवधोई नदी की दीवार जिस जगह से टूटी हुई है। उसके ठीक सामने अग्रवाल धर्मशाला है, जिसमें प्रत्येक महीने 10 से 15 कार्यक्रम होते हैं, जिनमें शादी, धार्मिक आयोजन और अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए लोग चौपहिया वाहनों से पहुंचते हैं। चौपहिया वाहन पांवधोई नदी के किनारे खड़े किए जाते हैं। ऐसी स्थिति में किसी दिन कार आदि भी नदी में गिरकर बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
वैसे तो नदियों की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है, लेकिन पांवधोई की सफाई और उससे जुड़े अन्य कार्य बीते कई साल से नगर निगम कराता आ रहा है। शहरी क्षेत्र में नगर निगम की जिम्मेदारी रहती है। फिर भी या तो नगर निगम खुद दीवार ठीक करा दे या फिर सिंचाई विभाग को पैसा दे तो सिंचाई विभाग दीवार की मरम्मत करा देगा।
-विकास चंद्रा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग