सहारनपुर। डेढ़ महीने पहले ई-रिक्शा चालक की हत्या का देहात कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोस्त ने ही ज्यादा स्मैक पिलाकर कराकर ई-रिक्शा चालक को मार डाला था। उसके शव को जलाने का भी प्रयास किया था। पुलिस ने ई-रिक्शा, आधार कार्ड सहित अन्य कागजात बरामद किए।
पुलिस लाइन में एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि 12 अगस्त को देहात कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। मृतक के भाई मिनवाक ने तहरीर देकर बताया था कि 10 अगस्त को उसका भाई इस्लाम ई-रिक्शा लेकर घर से निकला था। 12 अगस्त को उसका शव चुनमुन के बाग में पड़ा मिला था। शव जला हुआ था। बारिश होने के कारण शव क्षत-विक्षत हो गया था।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी खंगाले। सीसीटीवी में जुनैद नाम एक युवक मृतक इस्लाम की ई-रिक्शा में बैठा हुआ दिखाई दिया, जो ट्रक पर परिचालक का काम करता है। रविवार को चेकिंग के दौरान जुनैद दतौली रांघड़ से पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर चोरी की बैटरी खरीदने वाले फैजान को भी गिरफ्तार किया। इनके पास से चोरी की ई-रिक्शा, चार बैटरी, एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड और एक वोटर आईडी के साथ कार बरामद हुई है।
- ई-रिक्शा लूटना चाहता था हत्यारोपी
पूछताछ के दौरान हत्यारोपी जुनैद ने बताया कि मृतक इस्लाम को वह पहले से जानता था। दोनों ने कई बार एक साथ स्मैक का नशा किया था। 10 अगस्त को भी दोनों ई-रिक्शा में बैठकर हलालपुर के जंगल में चुनमुन के बाग में पहुंचे। जहां पर ई-रिक्शा लूट के इरादे से ज्यादा स्मैक पिलाई गई, ताकि ई-रिक्शा को बेचकर जरूरत को पूरा कर सके। ज्यादा नशे में होने पर इस्लाम को नाक व मुंह दबाकर मार दिया। इसके बाद ई-रिक्शा को बेचने के लिए फैजान से संपर्क किया। फैजान अपनी कार से ई-रिक्शा, बैटरी आदि सामान लेकर आया। जिसके लिए उसे 14 हजार रुपये मिले थे।
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