सहारनपुर/अंबेहटा/बड़गांव। जिले में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे के अंदर तेज बुखार की चपेट में आकर आठ वर्ष के बच्चे सहित महिला की मौत हो गई। अंबेहटा के जिस परिवार में बच्चे की मौत हुई है, उसमें 15 दिन पहले भी उसकी बहन की बुखार से जान चली गई थी। बेटा-बेटी की मौत से अजीम पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दंपती के दो बच्चे थे। 15 दिन में दोनों की मौत हो गई।
अंबेहटा के मोहल्ला कोटला नई बस्ती निवासी अजीम अहमद ने बताया कि उसके आठ साल के बेटे तंजीम को कई दिन से बुखार था। स्थानीय व सहारनपुर में चिकित्सकों को दिखाया, लेकिन दवा से कोई आराम नहीं मिला। इसके बाद तंजीम को पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया। अजीम ने बताया कि सोमवार को स्वास्थ्य ठीक नहीं होने पर चिकित्सकों ने तंजीम को घर ले जाने की सलाह दी। वह तंजीम को घर ले आए। जहां सोमवार की देर उसकी मौत हो गई। इससे पहले 18 सितंबर को तंजीम की बहन अलीना की भी बुखार के चलते मौत हो गई थी।
उधर, बड़गांव क्षेत्र के गांव नयागांव निवासी मिथलेश (65) पत्नी श्रीपाल सिंह को चार दिन पूर्व बुखार ने अपनी चपेट में लिया था और उनका देवबंद एक निजी चिकित्सालय में उपचार चल रहा था। सोमवार की रात मिथलेश की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मृतका नयागांव ग्राम प्रधान भरतपाल सिंह की रिश्ते चाची लगती थी।
दोनों बच्चों की मौत से आंगन सूना, छाया मातम
अबेहटा। मोहल्ला कोटला नई बस्ती निवासी अजीम रिक्शा चलाकर अपना व परिवार का पालन पोषण करता है। 15 दिन के भीतर दो सगे भाई-बहन की मौत से अजीम का आंगन सूना हो गया। जहां पहले परिवार हंसी-खुशी से रहता था, वहां मातम छा गया। 15 दिन का समय अजीम पर पहाड़ बनकर टूटा। अजीम ने बताया कि उसके दो बच्चे थे। दोनों ही बच्चों की बुखार से मौत हो गई। 14 साल की बेटी अलीना की 18 सितंबर को व आठ साल के बेटे तंजीम की सोमवार को मौत हो गई।
बुखार से मौत पर स्वास्थ्य विभाग का पुराना राग
बुखार कहर बनकर टूट रहा है। आए दिन बुखार से मौत हो रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पुराना राग अपना रहा है। अस्पतालों में बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आरोप है कि अंबेहटा के मोहल्ला कोटला नई बस्ती में स्वास्थ्य विभाग टीम तक नहीं पहुंची और न ही एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया।
डेंगू के सात नए मरीज मिले
सहारनपुर। जिले में डेंगू बुखार भी कम नहीं हो रहा है। मंगलवार को डेंगू के सात नए मरीज मिले हैं, जिसके बाद डेंगू मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 222 पहुंच गया है। जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि डेंगू पीड़ित बिजनाखेड़ी, टोडरपुर और शहर में उत्तम नगर के रहने वाले हैं। इनके यहां एंटी लार्वा का छिड़काव करा दिया गया। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में भी मरीज भर्ती हैं।
अंबेहटा और बड़गांव में बुखार से मौत की जानकारी नहीं मिली है। वह टीम को भेजकर पता कराएंगे कि मौत बुखार से हुई या फिर मौत का कारण अन्य बीमारी रही। जहां पर भी सूचना मिलती है वहां टीम पहुंचती है। लगातार शिविर लगाकर बुखार पीड़ितों की जांच कर रहे हैं।
- डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी