बादशाही बाग में जल निगम परियोजना पर धरने पर बैठे ग्रामीण। संवाद
मिर्जापुर। जल निगम की बादशाही बाग परियोजना से जुड़े दो गांवों की पांच हजार की आबादी विभाग की लापरवाही के चलते भीषण पेयजल संकट से जूझ रही है। विभाग की लापरवाही के विरोध में ग्रामीण परियोजना पर धरने पर बैठ गए।
जल निगम की बादशाही बाग परियोजना का निर्माण लगभग 40 वर्ष पूर्व हुआ था। इस परियोजना से बादशाही बाग एवं शफीपुर गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाती है। पेयजल पर छह इंची फोर्स का नलकूप पिछले छह वर्ष से तकनीकी खराबी के चलते बंद है। दूसरे चार इंची फोर्स के पलकूप की मोटर भी फुंकने से विगत छह दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। बुधवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और ग्रामीण परियोजना पर धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना जल निगम के अधिकारियों को मिलने के बाद भी कोई अधिकारी ग्रामीणों की समस्या को हल करने के लिए नहीं पहुंचा। धरने पर ब्रह्मपाल, खालिद, पूर्व प्रधान अशोक कुमार, लोकेश गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, महावीर सिंह प्रधान, प्रवीण गुप्ता, अमरीश चौधरी, कादिर, आरिफ आदि लोग धरने पर रहे।
परियोजना को ग्राम पंचायत के हैंडओवर नहीं किया गया है। विगत वर्ष में डीपीआरओ द्वारा उक्त परियोजना को ग्राम पंचायत के द्वारा लेने के लिए मना कर दिया गया था। जल निगम ने परियोजना का रखरखाव के लिए हाथ खड़े कर दिए हैं। जैसे तैसे अपने आप ही पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। - सीमा देवी ग्राम प्रधान बादशाही बाग
अनुरक्षण मद से धनराशि नहीं मिल रही है। जल वसूली से ही संचालन किया जाना है। जल्द ही मोटर को निकलवाकर ठीक कराने की कार्यवाही कर पेयजल आपूर्ति सुचारु कराई जाएगी। - दुष्यंत कुमार जेई जल निगम