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Saharanpur News: जिला अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट, हंगामा, पुलिसकर्मी पर गिरी गाज

Sun, 06 Oct 2024 12:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में मौजूद डॉक्टर व पुलिस।
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर में मरीज भर्ती करने को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। मरीज के साथ आए तीमारदारों ने डॉक्टरों के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट कर डाली। एक पुलिस कर्मी पर भी मारपीट करने का आरोप है। मारपीट के विरोध में डॉक्टर और स्टाफ काम छोड़कर हड़ताल पर बैठ गए। सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ द्वितीय अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को शांत कराकर हड़ताल खत्म कराई। वहीं, इस मामले में एक पुलिसकर्मी पर गाज गिरी है।
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दरअसल, जिला अस्पताल के हड्डी वार्ड में नीलम नाम की महिला भर्ती थी। शुक्रवार रात महिला को हड्डी वार्ड से ट्राॅमा सेंटर में शिफ्ट किया गया। आरोप है कि मरीज के तीमारदारों ने डॉक्टरों पर जल्द देखने का दबाव बनाया और वीडियो भी बनाई। कुछ देर बाद ही नागल के गांव नगली से सड़क हादसे में घायल हेमंत को इमरजेंसी लाया गया। नीलम के तीमारदारों का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि हेमंत को भर्ती करने को लेकर हंगामा हो गया। हेमंत को देखने के लिए कुछ देर बाद आठ से दस लोग अस्पताल पहुंच गए। जिन्होंने अस्पताल चौकी पर तैनात एक पुलिसकर्मी को फोन कर बुला लिया। इसके बाद अस्पताल में डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच जबरदस्त झड़प हुई। नौबत मारपीट तक आ गई। आरोप है कि तीमारदारों ने तीन डॉक्टरों के साथ मारपीट की।
आरोप यह भी है कि तीमारदारों की तरफ से एक पुलिसकर्मी ने डॉ. सीपी रोशन, डॉ. शिवेंद्र कुमार और डॉ. धर्मराज मानु पर लाठियां भांज दीं। इससे अस्पताल में गहमा-गहमी का माहौल हो गया। अस्पताल में लोगों की भीड़ जमा हो गई। डॉक्टर, स्टाफ नर्स और कर्मचारी काम छोड़कर इमरजेंसी के बाहर हड़ताल पर बैठ गए। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार और सीओ द्वितीय मुनीश चंद्र मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों से वार्ता की। अस्पताल पुलिस चौकी पर तैनात एक पुलिसकर्मी को वहां से हटा दिया। कार्रवाई के आश्वासन पर डॉक्टर हड़ताल खत्म कर काम पर लौटे।
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तीन घंटे न देखे मरीज और न किए भर्ती

मारपीट के विरोध में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। करीब रात 9:55 बजे से एक बजे तक न तो मरीजों को देखा गया और न ही आने वाले मरीज भर्ती किए गए। हड़ताल के दौरान इमरजेंसी में तीन से चार मरीज ऐसे आए, जिन्हें स्ट्रेचर पर ही लिटाया गया। करीब एक बजे डॉक्टरों व स्टाफ ने मरीजों को भर्ती कर उपचार शुरू किया।

कमेटी बनाकर मामले की कराएंगे जांच
सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट का मामला गंभीर है। इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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