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Saharanpur News: बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और माइन टैग वाले वाहनों काे न दें प्रवेश

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एसडीएम और खान अधिकारी ने चेताया पट्टा धारकों और क्रशर मालिकों पर भी होगी कार्रवाई
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बेहट। खनिज के परिवहन को लेकर जारी शासनादेश के संबंध में शुक्रवार को एसडीएम दीपक कुमार में पट्टा धारकों व स्टोन क्रशर मालिकों के साथ बैठक की। एसडीएम ने जानकारी दी, कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगे वाहनों को ही खनन पट्टे, भंडारण स्थल व क्रशर पर प्रवेश दिया जाए। यदि बिना नंबर व गलत नंबर प्लेट लगे वाहन खनिज का परिवहन करते पकड़े गए, तो ऐसे वाहनों के परमिट निरस्तीकरण के लिए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। एसडीएम ने कहा कि इसके अलावा संबंधित पट्टा धारक व क्रशर मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने क्रशर मालिकों से बिना रायल्टी खनिज बेचने व ओवरलोडिंग न कराने की अपील की। खनन अधिकारी एनके दास ने कहा कि एक जुलाई से खनन कार्य करने वाले वाहनों के लिए माइन टैग अनिवार्य किया गया है, जिन वाहनों का माइन टैग मैप नहीं हुआ है या जिन पर माइन टैग नहीं लगे है ऐसे वाहनों को भंडारण स्थल एवं क्रशर पर प्रवेश न दिया जाए। एआरटीओ महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जिन वाहन स्वामियों के दो से अधिक चालान पेंडिंग है, ऐसे वाहनों के परमिट निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। सहारनपुर स्टोन क्रशर यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप राणा ने एसडीएम के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा, कि यदि किसी वाहन पर दो टन ओवरलोड हो तो ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई न की जाए, क्योंकि भारत सरकार के जियो में पांच प्रतिशत टॉलरेंस की छूट है। इस दौरान तहसीलदार प्रकाश सिंह, नायब तहसीलदार संजय कुमार, सीओ रुचि गुप्ता व अभितेज सिंह के अलावा चौधरी शिवराज, गुरुदयाल चौधरी, गौरव खरड़, रिंकू राणा, राजीव चौधरी, राव रहमान, हाजी शफीक, आशु सैनी, गगनदीप मान, रूपम चौधरी, मिंटू, हाजी रियाजुल, खुर्शीद अहमद आदि क्रशर मालिक एवं पट्टाधारक मौजूद रहे।
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सिपाही और चपरासी तक करते हैं चेकिंग
बेहट। बैठक में खनिज का परिवहन करने वाले वाहनों की चेकिंग के नाम पर हो रहे उत्पीड़न का मुद्दा भी जोरशोर से उठा। सहारनपुर स्टोन क्रशर यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप राणा ने कहा कि थाने के एक सिपाही से लेकर तहसील के चपरासी तक खनिज सामग्री का परिवहन करने वाले वाहनों को सड़क पर कहीं भी रोककर कर खड़े हो हो जाते हैं और चेकिंग करते हैं। वाहनों की चेकिंग के लिए केवल एसडीएम और सीओ ही अधिकृत किए जाएं। इस पर एसडीएम ने क्रशर मालिकों को आश्वस्त किया कि आगे से इस तरह की समस्या नहीं आएगी।
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