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Saharanpur News: मिर्गी को न समझें ऊपरी हवा, डॉक्टर से लें सलाह

Thu, 16 Nov 2023 11:57 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। बदलते दौर में भी मिर्गी को लेकर भ्रम और अंधविश्वास है। यह ऐसा रोग है, जिसका समय पर इलाज नहीं होता है तो खतरनाक रूप भी ले सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के अभाव में अब भी लोग इसके लिए झाड़-फूंक जैसे उपाय करते रहते हैं। जिसे चिकित्सक बेहद घातक मानते हैं।
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मिर्गी के भ्रम को दूर करने और लोगों को इस बारे में जागरूक करने के लिए हर साल 17 नवंबर को राष्ट्रीय मिर्गी दिवस मनाया जाता है। सेठ बलदेव दास बाजोरिया जिला चिकित्सालय में मानसिक रोग की ओपीडी सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलती है। इसमें हर दिन 40 से 45 मरीज पहुंचते हैं। इनमें पांच से छह ऐसे मरीज होते हैं, जो मिर्गी से पीड़ित रहते हैं। इन मरीजों को झाड़-फूंक से बचने के साथ इलाज कराने की सलाह दी जाती है, साथ ही बताया जा रहा है कि यह बीमारी लाइलाज नहीं है। मिर्गी में इलाज कराएं
एसबीडी जिला अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. ख्वाजा खयाम ने बताया कि मिर्गी की दवा सरकारी अस्पतालों में निशुल्क मिलती हैं। इसका इलाज निरंतर कराना पड़ता है। यदि व्यक्ति एक समय की भी दवा छोड़ देता है तो दौरा पड़ने का खतरा रहता है।
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इन बातों का रखें ध्यान
- मिर्गी के रोगियों को चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवा लेनी चाहिए।
- पर्याप्त व्यायाम, स्वस्थ आहार का ध्यान रख पर्याप्त नींद लेनी चाहिए।
- गंभीर स्थिति या ज्यादा अवधि के दौरे पर ही रोगी को अस्पताल में दिखाना चाहिए।
- परिवार में कोई मिर्गी रोगी है तो उसके दौरे की अवधि देखना जरूरी है।
- मिर्गी आने पर मरीज को जमीन पर या समतल स्थान पर करवट से लिटा दें
- गर्दन एक ओर मोड़ दें, ताकि मुंह में झाग बाहर निकल जाएं।
- मानसिक रोगी झाड़-फूंक से सही नहीं होता, उसका मनोचिकित्सक से इलाज कराएं।
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