सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल को डीएनबी कोर्स (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड) के लिए अनुमति मिल गई है। बाल रोग विशेषज्ञ की दो सीटें निर्धारित की गई हैं। एमबीबीएस चिकित्सक पढ़ाई के साथ-साथ मरीजों को भी देखेंगे। यहां एमडी के समकक्ष डीएनबी की कक्षाएं चलेंगी। नीट (राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा) का परिणाम घोषित होने के बाद पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है।
सरकारी अस्पताल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद किसी भी क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए डॉक्टर परास्नातक के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लेते हैं। नीट से परिणाम आने के बाद उनकी रैंक के अनुरूप उन्हें एमडी-एमएस या डीएनबी में दाखिला मिलता है। शासन ने जिला स्तरीय अस्पतालों में भी डीएनबी कोर्स चलाने की योजना बनाई है। इसके लिए जिला महिला अस्पताल ने बाल रोग विशेषज्ञ में कक्षाएं चलाने के लिए पिछले साल आवेदन किया था।
तीन फरवरी को डीएनबी की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। 10 अप्रैल को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन ने जिला महिला अस्पताल को डीएनबी की दो सीटों के लिए मंजूरी दे दी है। नोडल अधिकारी डॉ. नवदीप गुप्ता ने बताया कि डीएनबी कोर्स तीन साल का है, जो एमडी/एमएस के समकक्ष कोर्स है। इसमें एमबीबीएस के बाद ही ऑल इंडिया प्रवेश परीक्षा द्वारा ही चयनित अभ्यर्थियों को प्रवेश मिलता है। विभागाध्यक्ष डॉ. मनदीप सिंह एमबीबीएस डॉक्टरों को डीएनबी की पढ़ाई कराएंगे।
जिला महिला अस्पताल को डीएनबी कोर्स शुरू करने की अनुमति मिल गई है। इससे डॉक्टरों की कमी दूर होगी। साथ ही मरीजों को भी बेहतर उपचार मिल सकेगा। जल्द ही डीएनबी कोर्स शुरू कराया जाएगा।
-डॉ. इंद्रा सिंह, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल