- स्वयं सहायता समूहों और मनरेगा के श्रमिकों को मिलेगा रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद को नर्सरी हब बनाया जाएगा। इसके तहत जिले की ग्राम पंचायतों में नर्सरियां विकसित की जाएंगी। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों को रोजगार भी दिया जाएगा। इस कार्य को मनरेगा भी शामिल किया गया है। पौधा बिकने पर होने वाले मुनाफे का पैसा भी स्वयं सहायता समूहों को ही मिलेगा।
ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी ग्राम समाज और सिंचाई विभाग की भूमि चिह्नित कर नर्सरियां बनाई जाएंगी। इसको लेकर जिला विकास व जिला पंचायत राज विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेगा। दोनों विभागों को सिंचाई विभाग की भूमि लेने के लिए अनापत्ति पत्र भी लेना होगा। नर्सरी विकसित करने में मनरेगा के श्रमिक काम करेंगे। इसके साथ ही जनपद में कार्य कर रहे करीब एक हजार स्वयं सहायता समूह नर्सरियों की देखरेख करेंगे। इनको सरकार की ओर से निशुल्क विभिन्न पौधे तैयार करने को उद्यान विभाग बीज उपलब्ध कराएगा। पौधा बिकने पर जो भी मुनाफा होगा, उसका पैसा स्वयं सहायता समूहों को ही मिलेगा।
- नर्सरियों के लिए भूमि की जाएगी चिह्नित
जनपद के 11 ब्लॉक की 884 ग्राम पंचायतों में नर्सरियां विकसित किए जाने की योजना है। यहां पर भूमि चिह्नित करने के लिए जिला ग्राम पंचायत विभाग की ओर से सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद नर्सरी तैयार करने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों और मनरेगा के श्रमिकों को दी जाएगी।
- औषधीय, फूलों और फलों वाले पौधे हाेंगे तैयार
नर्सरियों में आम, अमरूद, नींबू, लीची, आडू, शहतूत, चीकू, बरगद, गेंदा, गुलाब, सदा बहार, सूरजमुखी, चमेली, एलोविरा, तुलसी, अश्वगंधा, आंवला, सहजन सहित अनेक प्रकार के फूलों, फलों और औषधीय पौधे तैयार किए जाएंगे।
- वर्जन:-
जनपद में नर्सरियां विकसित किए जाने की योजना है। इससे मनरेगा के श्रमिकों को भी काम मिलेगा और स्वयं सहायता समूह के सदस्य भी आत्मनिर्भर बनेंगे। इस योजना पर जल्द काम शुरू होगा। -विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी