सहारनपुर में ठिठुरती ठंड व कोहरे के चलते कंबल लेकर बैठा व्यक्ति
सहारनपुर। शीतलहर के कारण पारा धड़ाम हो गया। न्यूनतम तापमान के साथ ही अधिकतम तापमान में भी भारी गिरावट महसूस की गई, जिसकी वजह से लोगों को सर्दी से राहत नहीं मिल सकी। कमरों के भीतर रहते हुए भी सर्दी का अहसास कम नहीं हुआ। ऐसे में लोग अलाव और हीटर का सहारा लेते नजर आए।
रविवार की सुबह मौसम में घना कोहरा रहा, जिसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में दृश्यता 20 से 30 मीटर रही, जबकि शहरी क्षेत्र में दृश्यता 50 से 60 मीटर थी। कोहरे के साथ तेज शीतलहर ने लोगों को अधिक परेशान किया। पूर्वाह्न 11 बजे तक कोहरा आसमान में चढ़ गया, लेकिन शीतलहर बनी रही। दिनभर धूप नहीं निकलने और शीतलहर चलने के कारण लोग ठिठुरते नजर आए।
न्यूनतम तापमान जो शनिवार को 2.5 डिग्री सेल्सियस था वह गिरकर 2.3 डिग्री पर आ गया। अधिकतम तापमान भी जो शनिवार को 15 डिग्री सेल्सियस था वह गिरकर 8.4 डिग्री पर आ गया। दोनों तापमान में गिरावट के चलते रविवार का दिन इस सीजन का अभी तक का सबसे ठंडा दिन रहा। मौसम विभाग ने सोमवार को सुबह कोहरा छाए रहने तथा दोपहर के बाद हल्की धूप निकलने का अनुमान जताया है। उसके बाद चार दिन बादल और कोहरा आने की आशंका जताई है।
- अलाव के लिए लकड़ी पड़ रही कम
नागरिकों को सर्दी से बचाने के लिए अलाव की व्यवस्था करना नगर निगम की जिम्मेदारी है। लेकिन नगर निगम नियमित रूप से लकड़ी नहीं भेज पा रहा है। दावा किया जा रहा है कि 260 से अधिक स्थानों पर प्रतिदिन लकड़ी डाली जा रही है, लेकिन ऐसा है नहीं। ज्ञानागढ़ में बीते 15 दिन में तीन बार लकड़ी डली है। जैन कॉलेज रोड पर कहने के बावजूद एक बार लकड़ी डाली गई है। ऐसे में लोग कचरा आदि जलाने को मजबूर हैं। नोडल अधिकारी शिवराज सिंह का कहना है कि अलाव की सुविधा निराश्रितों के लिए है आम नागरिकों के लिए नहीं।