सहारनपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग सहारनपुर ने 12 साल से लंबित वाद का निस्तारण करते हुए किताबें छापने वाली फर्म पर 40 हजार रुपये जुर्माना करते हुए वादी पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने बताया कि साहित्यिक संस्था विभावरी के सचिव डॉ. बिजेंद्र पाल शर्मा ने मेसर्स वीनस ग्राफिक्स को किताबें छापने का ऑर्डर दिया था। जिसमें दस हजार रुपये एडवांस दिए थे। आरोप है कि किताबें सही नहीं छापीं। जिस पर डॉ. शर्मा ने वर्ष 2010 में मेसर्स वीनस ग्राफिक्स के विरुद्ध तत्कालीन उपभोक्ता फोरम सहारनपुर में वाद दायर किया था। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग सहारनपुर के अध्यक्ष सतीश आत्रेय, न्यायिक सदस्य राजीव कुमार और नू्तन शर्मा ने इस वाद का निस्तारण करते हुए प्रतिवादी पक्ष मेसर्स वीनस ग्राफिक्स को 40 हजार रुपये का मुआवजा साहित्यिक संस्था विभावरी को दिए जाने के आदेश दिए। अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने बताया कि निर्धारित अवधि में यह मुआवजा विपक्ष ने नहीं दिया है। जिस पर उन्होंने परिवादी की ओर से आयोग में निष्पादन वाद दायर किया है। जिस पर निर्णय के लिए आयोग ने 12 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।