श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
चिलकाना (सहारनपुर)। कथा व्यास आचार्य उमेश कृष्ण बृजवासी ने कहा कि हम भगवान की ओर एक कदम बढ़ाते हैं तो भगवान हमारी ओर सात कदम बढ़ाते है। प्रभु का वचन है जो तू ध्यावे एक पग, मैं ध्याऊ पग सात।
कस्बे में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन की कथा में पंडित उमेश कृष्ण ब्रजवासी ने भगवान कृष्ण के 16108 विवाहों की कथा का श्रवण कराया। उन्होंने चौथ का चंद्रमा देखना से झूठी चोरी का कलंक लगना, स्वर्ग से पारिजात वृक्ष को लाकर उसका पूजन कराना, मित्र सुदामा को रंक से राजा बना देना, सभी यदुवंशियों के विनाश, भगवान का भागवत में प्रविष्ट हो अपने धाम को जाने की कथा सुंदर ढंग से प्रस्तुत की। सभी हरि भक्तों ने कृष्ण सुदामा के मिलन की सुंदर झांकी के दर्शन किए। जैसे ही सुदामा जी ने भगवान को चावल भेंट किए, वैसे ही सभी भक्तों ने भी भगवान श्री कृष्ण को चावल भेंट किए। भागवत कथा के विश्राम हो जाने पर भागवत पूजन करते हुए सभी ने अपनी मनोकामनाओं को भागवत जी को समर्पित किया।
कथा के विश्राम के दिन एकता जनसेवा समिति द्वारा कथा व्यास आचार्य उमेश कृष्ण ब्रजवासी, पं. आशीष शर्मा तथा संगीत मंडली को शॉल ओढ़ाकर तथा पगड़ी धारण कराकर सम्मान किया गया। इस दौरान चेयरमैन अकबर कुरैशी, बालकृष्ण शर्मा, डॉ. दीपक सैनी, शक्ति चौधरी, सुशील मोगा, मनोज सैनी, राजेंद्र कुमार आदि रहे।