सहारनपुर। नगर निगम में तीन साल से अधिक समय से एक ही पटल पर जमे लिपिकों के पटल बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। नगरायुक्त ने सभी लिपिकों का ब्योरा तलब किया, जिसे लेकर कुछ लिपिकों में खलबली है।
नगर निगम में जलकल विभाग, गृहकर एवं जलकर अनुभाग, निर्माण विभाग, पथ प्रकाश विभाग, स्वास्थ्य विभाग, गैराज, स्टोर, लेखा विभाग, जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग, नजूल विभाग, उद्यान विभाग आदि हैं। इन विभागों में कई लिपिक ऐसे हैं, जिनको चार से पांच साल एक ही पटल पर काम करते हो गए हैं। इनमें से कुछ लिपिकों की कार्यप्रणाली पर समय समय पर सवाल उठते रहे हैं। कहीं टेंडर प्रक्रिया में खास ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने, सामान की खरीददारी में गड़बड़ी करना आदि शामिल हैं। लेकिन मौजूदा नगरायुक्त संजय चौहान ने सभी लिपिकों का ब्योरा तलब किया है, जिससे पता चल सके कि कौन लिपिक कितने साल से एक पटल पर काम कर रहा है। इस बार तीन साल से अधिक समय से एक ही पटल पर काम करने वालों का पटल परिवर्तन तय माना जा रहा है।
- पटल बदलने में झेलनी पड़ी नाराजगी
पूर्व के कई नगरायुक्त लिपिकों के पटल बदलने की हिम्मत नहीं कर सके। उनका मानना रहा कि पटल परिवर्तन से व्यवस्था प्रभावित होगी। इसी डर के कारण पूर्व के नगरायुक्त तीन साल में पटल बदलने के शासन के आदेशों तक की अनदेखी करते रहे। एक नगरायुक्त को तो एक लिपिक का पटल बदलने के लिए कई नेताओं की नाराजगी झेलनी पड़ी। उक्त लिपिक भी पटल छोड़ने को राजी नहीं था, जिसको पटल छोड़ने में करीब एक महीना लगा था।