नागल। दो दिन पूर्व खंड विकास कार्यालय के रिकॉर्ड रूम से 50 साल पुराने समस्त अभिलेखों की चोरी सवालों के घेरे में आ गई है। इतने महत्वपूर्ण रिकार्ड को जिस लापरवाही से रखा गया था वह खुद बीडीओ कार्यालय के जिम्मेदारों को कटघरे में खड़ा कर रहा है। प्रशासन की तरफ से विभागीय जांच भी बैठा दी गई है।
बता दें, कि खंड विकास कार्यालय के रिकॉर्ड रूम से 50 साल पुराना रिकॉर्ड चोरी होने का मामला सामने आया था। जिस पर विभाग की तरफ से थाने में तहरीर दी गई थी। पुलिस जांच कर रही है। इसके साथ ही विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। जिसमें अलग-अलग बिंदुओं पर काम हो रहा है। उधर, दूसरी तरफ गौर करें तो जिस जर्जर भवन को रिकॉर्ड रूम बनाया गया है उस भवन में पीछे की तरफ खिड़की ही नहीं लगी है। दरवाजे का गेट टूटा पड़ा है।
आखिर ऐसे भवन को ही रिकॉर्ड रूम क्यों बनाया गया है इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। जिन आठ अलमारियों में अहम दस्तावेज रखे थे। उनमें कई पर ताला नहीं था। बड़ा सवाल यह है कि 50 साल के पुराने दस्तावेज की रद्दी का कबाड़ी के यहां मूल्य ना के बराबर है ऐसे में उन्हें बेचने के लिए चोरी करने की बात गले नहीं उतरती है। सीडीओ सुमित राजेश महाजन का कहना है कि पुलिस के साथ ही विभागीय जांच की बैठा दी गई है। जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सीओ देवबंद अशोक सिसोदिया का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। हर पहलू को जांच में शामिल किया गया है, जल्द ही दस्तावेज चोरी की घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।