सहारनपुर। बाढ़ के बाद सबसे अधिक खतरा डेंगू और मलेरिया का है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। अगले दो महीने काफी कठिन हैं। अगले दो महीने अहम हैं। कोर्ट रोड पुल से घंटाघर तक डिवाइडर में भरे पानी में एडीज लार्वा होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में डेंगू को रोक पाना चुनौती है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य टीमें घर-घर दस्तक दे रही है। बारिश और बाढ़ के बाद विभाग अधिक सक्रिय है। पानी में मच्छरों का लार्वा न पनपे, इसलिए छिड़काव करा रहा। यहीं नहीं लोगों से बार-बार अपील कर रहे हैं कि अपने घर के आसपास जलभराव नहीं होने दें। अगर जलभराव देखें तो किसी भी प्रकार के तेल का छिड़काव कर दें।
बुधवार को सीनियर मलेरिया निरीक्षक मनोज कौशिक ने कोर्ट रोड पुल से लेकर घंटाघर तक डिवाइडर का निरीक्षण किया। डिवाइडर में पानी रुका हुआ, जो करीब दो फीट तक है। ऐसे में पानी ज्यादा दिन तक रुका रहा तो एडीज लार्वा पनपेगा और लोग डेंगू की चपेट में आएंगे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। अगस्त और सितंबर स्वास्थ्य विभाग के लिए खासे अहम हैं।
वर्जन
दस्तक अभियान में टीमें घर-घर जा रही है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही छिड़काव कराया जा रहा। डिवाइडर में पानी भरे होने की जानकारी नहीं है। फिर भी टीम भेजकर चेक कराएंगे कि पानी साफ है या गंदा। डेंगू-मलेरिया से निपटने की पूरी तैयारी है।
- शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी