बोले, इस काले दिन देश कभी नहीं भूलेगा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। 25 जून 1975 को तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार द्वारा देश में आपातकाल लगाने के विरोध में भाजपा ने काला दिवस मनाया। इसके साथ ही लोकतंत्र सेनानियाें को सम्मानित किया गया।
दिल्ली रोड स्थित भाजपा कार्यालय पर कार्यक्रम हुआ। महानगर अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल के रूप में देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे बदनुमा दाग दिया है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। देशभर में विपक्षी नेताओं को न केवल गिरफ्तार कर जेलों में डाला गया, बल्कि कांग्रेस सरकार का विरोध करने वाले विपक्षी कार्यकर्ताओं के परिवारों को प्रताड़ित किया गया। महापौर डाॅ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर काबिज कांग्रेस सरकार का आतंक इस कदर था कि जेलों में बंद लोकतंत्र सेनानियों को यह डर सताने लगा था कि क्या कभी वे इन काली रातों से निकलकर न्याय का सूरज देखने के लिए जेल से बाहर आ पाएंगे।
आपातकाल लागू होते ही आंतरिक सुरक्षा कानून (मीसा) के तहत राजनीतिक विरोधियों की गिरफ्तारी की गई। पूर्व महापौर संजीव वालिया ने कहा कि सरकार विरोधी आंदोलन को संरक्षण देने के नाम पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को प्रतिबंधित कर दिया गया। पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी ने कहा कि लोकतंत्र की हत्यारी कांग्रेस ने केवल 1975 में ही नहीं बल्कि अनेकों बार अपने निजी हितों के लिए राज्य सरकारों को बर्खास्त कर राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगा कर लोकतंत्र को बंधक बनाया। इस दौरान लोकतंत्र सेनानी रविंद्र सिंह, अमरदीप मित्तल, पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर, जगपाल सिंह, नीरज माहेश्वरी, हेमंत अरोड़ा, साहब सिंह पुंडीर, केएल अरोड़ा, मनोज ठाकुर, ललित कटारिया, नरेश धनगर, ओमपाल पांचाल, रेखा रोहिला, शशि वालिया मौजूद रहे।