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Saharanpur News: तय समय में तैयार नहीं हो सकेगा दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे

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गांव कंडेरा में दिल्ली देहरादून एक्सप्रैस हाइवे पर होता निर्माण कार्य सौ से एनएचआई
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- चार जिलों में चल रहा है उपरिगामी पुल, मिट्टी, रोडी बजरी कार्य
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- शासन ने पहले 30 सितंबर 2024 तक दिया था समय अब छह माह पहले 31 मार्च तक का दिया गया समय
विकास की बात
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
शामली। लोकसभा चुनाव 2024 से पूर्व दिल्ली- देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे को पूरा करके चालू करने कार्य अगले सात माह में आसान नहीं लग रहा है। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से लेकर सहारनपुर बाईपास तक कई जगह जगह उपरिगामी पुल सड़क निर्माण का तारकोल डालने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। मुजफ्फरनगर जिले में भूमि अधिग्रहण का कार्य अधूरा पड़ा है। तय समय 30 सितंबर से छह माह पूर्व 31 मार्च 2024 तक निर्माण कार्य कैसे पूरा हो पाएगा।
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे तैयार देखना चाहते हैं। जिससे लोकसभा चुनाव 2024 की चुनाव संहिता लागू होने से पहले इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करके जनता को समर्पित करना चाहते है। प्रधानमंत्री की मंशा को देखते हुए एनएचएआई के चेयरमेन संतोष कुमार यादव तीन दिन पूर्व दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे की समीक्षा के दौरान 31 मार्च 2024 में पूरा करने के निर्देश दे चुके है। बागपत जिले के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से लेकर सहारनपुर बाइपास तक 30 से लेकर 35 प्रतिशत एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा हो पाया है। मिट्टी रोड़ी बजरी और उपरिगामी पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है।
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शामली जिले में तीसरे फेस में दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे के भाजू में उपरिगामी पुल, पुलिया को छोड़कर बागपत से लेकर सहारनपुर बाइपास तक उपरिगामी पुल पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाए है। भाजू गांव के पास एक्सप्रेसवे पर रोडी बजरी डालकर रोलर चलाकर मिट्टी को समतल किया गया है। मुजफ्फरनगर जिले मे दूसरे चरण में खेडामस्तान समेत कई गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहण कार्य अधूरा है। राजपुर छाजपुर गांव के पास कैराना-कांधला, बुढ़ाना खतौली मार्ग पर उपरिगामी पुल के पिलर खड़े हैं। बागपत जिले में टीकरी में उपरिगामी पुल के लिए फाउंडेशन कार्य शूरू हुआ है। कंडेरा में रोडी बजरी मिट्टी का कार्य चल रहा है।
शामली जिले में बुटराडा जंक्शन समेत दूसरे ख्यावडी गांव में कार्य अधूरा है। हालांकि निर्माण एजेंसी के तीसरे फेस के प्रोजेक्ट मैनेजर सुनील सांगवान, दूसरे फेस के प्रोजेक्ट मेनेजर जितेंद्र बालियान का कहना है कि आगामी 31 मार्च 2024 तक वह एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा कर देंगे। जबकि अगले एक माह मानसूनी बारिश और दिसंबर जनवरी में कोहरा और सर्दी में निर्माण कार्य प्रभावित रहता है। तीन और चार माह में दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होना संभव नही है। उपरिगामी पुल तैयार होने में कम से कम छह माह का समय लगता है।
उपरिगामी पुल की एप्रोच रोड तैयार करने के लिए कम से कम तीन माह का समय लगता है। 15 सितंबर से लेकर 30 दिसबर तक सिर्फ ढाई माह में निर्माण एजेंसी कैसे दिल्ली देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हो पाएगा। दिल्ली- देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक का कहना है कि अगले छह- सात माह में दिल्ली- देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होना संभव नहीं है।
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30 सितंबर 2024 तक पूरा करने का है लक्ष्य
एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 30-35 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। जबकि निर्माण पूरा करने का लक्ष्य 30 सितंबर 2024 का समय निर्धारित है। लक्ष्य से छह माह पूर्व 31 मार्च 2024 तक इस इकोनामिक कारिडोर का निर्माण पूरा होना मुश्किल है। - पीके सिंह परियोजना निदेशक एनएचएआई बागपत।

गांव कंडेरा में दिल्ली देहरादून एक्सप्रैस हाइवे पर होता निर्माण कार्य सौ से एनएचआई

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