सहारनपुर। सीबीएसई के दसवीं और 12वीं के परीक्षाफल में बेटियों ने एक बार फिर से बाजी मारी है। जनपद में दोनों कक्षाओं में पंजीकरण देखें तो छात्राओं की संख्या छात्रों से कम थी, लेकिन पास हुए विद्यार्थियों में छात्राओं का प्रतिशत छात्रों से अधिक है।
जनपद में सीबीएसई के 110 स्कूल हैं, जिनमें इस बार दसवीं में 8,105 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें 3,341 छात्राएं शामिल थीं, जिनमें से 3,135 छात्राओं ने सफलता पाई है। पास हुई छात्राओं का प्रतिशत 93.83 फीसदी रहा है, जबकि पंजीकृत छात्रों की संख्या 4,764 थी, जिनमें से 4,243 विद्यार्थी सफल हुए। सफल छात्रों का प्रतिशत 89.06 फीसदी रहा, जो छात्राओं से कम है। इसी प्रकार 12वीं में कुल 6,164 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें छात्राओं की संख्या 2,579 थी। इनमें से 2,238 छात्राओं ने सफलता हासिल की। सफल छात्राओं का प्रतिशत 86.78 रहा, छात्रों की संख्या 3,585 थी, जिनमें से 2,835 छात्र सफल हुए। सफल छात्रों का प्रतिशत 79.08 रहा, जो छात्राओं से कम है।
दसवीं के टॉप पांच स्थानों पर 21 विद्यार्थी शामिल रहे, जिनमें 12 छात्राएं और नौ छात्र हैं। 12वीं के टॉप पांच स्थानों पर आठ विद्यार्थी शामिल हैं, जिनमें से आधी यानी चार छात्राएं हैं।
पाइनवुड पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. संजीव जैन का कहना है कि जिले में पास हुए विद्यार्थियों की तुलना की जाए तो छात्राओं का प्रतिशत अधिक है। सरस्वती विहार सीनियर सेकेंड्री स्कूल के प्रधानाचार्य राजीव शुक्ला का कहना है कि छात्राएं अक्सर हर प्रकार की परीक्षाओं में छात्रों से अधिक सफल रही हैं।न्यू ऐरा एकेडमी की प्रधानाचार्य अजीज उन निसा हसन का कहना है कि छात्र और छात्राएं सभी बराबर हैं। उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रहनी चाहिए। डीपीएस की प्रधानाचार्य आदेश सिसोदिया का कहना है कि जो अच्छी मेहनत करेगा वह उतना ही अच्छे नंबर पाएगा। यहां छात्र या छात्रा होना मायने नहीं रखता, बल्कि मेहनत मायने रखती है।
दिल्ली रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में 12 वीं के परिक्षा फल में सेल्फी लेती टॉपर्स छात्राएं- फोटो : SAHARANPUR
दिल्ली रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में 12 वीं के परिक्षा फल आने पर खुशी मनाती टॉपर्स छात्र छात्र?- फोटो : SAHARANPUR