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Saharanpur News: हड़ताल से 120 गांव, 40 कालोनियों में छाया अंधेरा

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घंटाघर बिजली घर पर धरना देते अधिकारी व कर्मचारी - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। विद्युत निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की हड़ताल से जनपद में बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई। हड़ताल पर जाने के कारण करीब 120 गांव और शहर की 40 कॉलोनियों में अंधेरा छाया रहा। लोगों के इन्वर्टर तक जवाब दे गए। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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ऊर्जा निगम के शीर्ष प्रबंधन पर दमनात्मक होने का आरोप लगाते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विद्युत निगम अधिकारी व कर्मचारी दो दिन से कार्य बहिष्कार पर हैं। बुधवार को भी 1700 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों घंटाघर कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। समिति के संयोजक रोबिन शर्मा ने बताया कि ऊर्जा निगम के शीर्ष प्रबंधन नकारात्मक रवैया अपना रहा है। उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। यही नहीं कारण है कि सभी अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। धरने में सतेंद्र कुमार, राजीव भट्ट, राजबीर सिंह, राकेश कुमार, एके शर्मा, जितेंद्र कुमार, मितेष, आदित्य कुमार, अजय कन्नौजिया, नवल किशोर, नवीन कुमार, अनिल कुमार, विनोद गुप्ता, सतीश, अमित, देवेंद्र आदि रहे।
उधर, काम न होने से बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। बेहट, रामपुर मनिहारान, बड़गांव, टाबर, नानौता, राजूपुर, आईटीआई उपकेंद्र हसनपुर फीडर, खोशपुरा, झाड़वन आदि क्षेत्रों के करीब 120 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही। इनके अलावा महानगर में मंडी समिति केंद्र से जुड़ी इंद्रा चौक, मंडी समिति रोड, गाडो का मोहल्ला सहित आदि 40 कॉलोनियों में भी बिजली नहीं आने से लोग परेशान रहे। बीती रात 12 बजे तक लोग अंधेरे में रहे। यहीं नहीं बुधवार को भी ब्रेकडाउन रहने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। बिजली नहीं आने से लोगों के इनवर्टर तक जवाब दे गए हैं।
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--ये हैं प्रमुख मांगें
-बिजली कर्मियों को पूर्व की भांति पदोन्नत पदों के समयबद्ध वेतनमान दिया जाए
-निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत चेयरमैन, प्रबंधक निदेशकों व निदेशकों के पदों पर चयन किया जाए
-बिजली कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान हो
-ट्रांसफार्मर वर्कशॉप के निजीकरण के आदेश वापस लिया जाए
-पारेषण में जारी निजीकरण प्रक्रिया निरस्त हो
-ऊर्जा कर्मियों की सुरक्षा के लिए पावर सेक्टर इंपलाइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए
-कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर की जाए
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