- 30 फीसदी मरीजों की आंखों की रोशनी पर पड़ रहा असर
- 22 से 40 उम्र के लोगों में अधिक समस्या
- नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में आ रहे 100 से 110 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। अंधेरे में मोबाइल चलाने से लोगों की आंखों को नुकसान हो रहा है। इससे 30 फीसदी मरीजों की आंखों की रोशनी पर असर पड़ रहा। यह 22 से 40 साल की आयु वर्ग के लोगों में अधिक समस्या है। चिकित्सकों ने अंधेरे में मोबाइल व लैपटॉप न चलाने की सलाह दी है।
सेठ बलदेव दास बाजोरिया जिला चिकित्सालय की ओपीडी में चिकित्सकों को प्रतिदिन 1300 से 1600 मरीज दिखाने के लिए पहुंच रहे हैं। सोमवार और शनिवार को ओपीडी में मरीजों की अधिक भीड़ रहती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ के कक्ष में रोजाना 100 से 110 मरीज आंखों की जांच कराने के लिए पहुंचते हैं। इनमें अंधेेरे में मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले मरीज भी शामिल हैं। खासकर छोटे बच्चे अधिक हैं। क्योंकि बच्चे मोबाइल का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनसे उनकी आंखों की रोशनी पर असर पड़ रहा है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रामानंद बताते हैं कि टीवी, मोबाइल और कंप्यूटर चलाने से आंखों की रोशनी कम होने लगती है। ऑनलाइन पढ़ाई ने बच्चों को मोबाइल की लत बना दिया है। बच्चों में यह लत बन गई है। रात के अंधेरे में मोबाइल का इस्तेमाल करना आंखों के लिए बेहद घातक है।
ये हैं बचाव के तरीके
-आंखों को पर्याप्त आराम देने के लिए करीब आठ घंटे की नींद लें।
-दिन में तीन से चार बार आंखों को ठंडे पानी से धोएं।
-मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर का प्रयोग जरूरी कार्यों के लिए ही करें।
-अंधेरे में मोबाइल का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
-कंप्यूटर, मोबाइल को आंखों से उचित दूरी बनाकर देखें।