महाविद्यालयों में गठित होगा उद्योग अकादमिक एकीकरण एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव लाने वाली है। इसके तहत महाविद्यालयों में उद्योग अकादमिक एकीकरण एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ गठित किया जाना है। इसके तहत विभिन्न गतिविधियां उच्च शिक्षण संस्थाओं में कराई जाएगी। विद्यार्थी पढ़ाई खत्म करने के बाद सीधे उद्योगों में काम पा सकेंगे। इतना ही नहीं, कौशल विकास के लिए स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। यह विद्यार्थियों को काम करने के लिए तैयार करेगा।
मां शाकंभरी विश्वविद्यालय ने सभी महाविद्यालयों और निजी संस्थानों को उक्त प्रकोष्ठ का गठन करने के आदेश दिए हैं। कुलसचिव वीरेंद्र मौर्य ने बताया कि प्रकोष्ठ के तहत उच्च शिक्षण संस्थाओं को माध्यमिक, पॉलिटेक्निक, आईटीआई के साथ उच्च शिक्षा का समन्वय स्थापित करना होगा। विद्यार्थियों को व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा के क्षेत्र की पहचान कराई जाएगी। संस्थान व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा के प्रायोगिक भाग, इंटर्नशिप के लिए एमओयू भी करेंगे।
उन्होंने बताया कि कौशल विकास के लिए स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। विद्यार्थियों को उद्योगों में काम के लिए तैयार करनेे में मदद करेगा। संस्थान अपने विद्यार्थियों को स्थानीय व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा के क्षेत्रों से रूबरू कराएंगे। संस्थान जो भी बड़े क्षेत्रीय उद्योग हैं उनके साथ समन्वय स्थापित कर एमओयू करेंगे। जिसके बाद क्षेत्रीय उद्योगों की पहचान कर अध्ययनरत विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के लिए उनमें भेजा जाएगा।
इसके अतिरिक्त अन्य गतिविधियां भी संचालित होंगी। एक तरह से विद्यार्थी केवल किताबी शिक्षा पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि वे अध्ययन के दौरान ही उद्योगों की बारीकियों और वहां के तकनीकी कार्यों को जान और समझ सकेंगे। जिससे की पढ़ाई पूरी होते ही वे काम के लिए तैयार हो सकें।