सहारनपुर। रक्षाबंधन पर्व पर ट्रेनों और रोडवेज बसों में जबरदस्त भीड़ रही। ट्रेनों के कोच में सीट नहीं मिलने पर यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। जद्दोजहद और धक्का-मुक्की के बीच सफर किया। वहीं, रोडवेज के तीनों अस्थायी बस स्टैंड से बसें भी भरकर चलीं। बसों में भी ट्रेनों जैसी स्थिति बनी रही।
सोमवार को सुबह से ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर यात्रियों की खासी भीड़ रही। भाई के यहां जाने के लिए बहनें रेलवे रोड, कांशीराम और मानकमऊ बस स्टैंड पर पहुंच गई। बसों की हालत यह रही कि स्थानीय मार्गों पर चलने वाली बसें खचाखच भरकर चली। महिलाओं को कोई दिक्कत न हो, इसलिए निगम ने 240 बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाए थे। महिलाओं को टिकट तो दिया गया, लेकिन उस पर किराया नहीं लिखा था। टिकट पर ही महिलाओं ने रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की। सोमवार को जालंधर से नई दिल्ली के बीच चलने वाली सुपर एक्सप्रेस में बंपर भीड़ रही। इसके अलावा श्रीगंगानगर, इंटरसिटी एक्सप्रेस में भी पैर रखने की जगह नहीं मिली। जैसे ही ट्रेनें प्लेटफार्म पर पहुंची तो यात्रियों में चढ़ने के लिए आपाधापी मची रही। कोच में पहले से अधिक भीड़ होने के चलते सीट नहीं मिली। ऐसे में यात्रियों को खड़े होकर ही सफर करना पड़ा। जिसके चलते उन्हें परेशानी झेली।
क्या बोलीं महिलाएं
सुक्खुपुरा की रहने वाली सरिता रेलवे रोड बस स्टैंड पर पहुंची। उसे अंबाला में अपने भाई के घर जाना था, लेकिन जब उन्हें पता लगा कि यहां से अंबाला की बस नहीं मिलती तो वह परेशान हो गईं। इसके बाद वह घंटाघर से सीधे मानकमऊ बस स्टैंड पर पहुंची। जहां से उन्हें बस मिली। इसी तरह देवबंद निवासी राजबाला भी रेलवे रोड बस स्टैंड पर आईं। उन्हें भी अंबाला जाना था। मानकमऊ बस स्टैंड तक जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ी। जेवी जैन डिग्री कॉलेज रोड निवासी सहक सेठी देहरादून में भाई को राखी बांधकर लौटी। रोडवेज बस में कोई किराया नहीं लिया गया। कहीं कोई दिक्कत नहीं हुई। रामपुर मनिहारान निवासी स्वाति हरिद्वार में भाई को राखी बांधने के लिए पहुंची।