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करोड़ों रुपये की जमीन खाली कराई तो हो गया हंगामा

Fri, 02 Feb 2018 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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विरोध करती महिलाओं को धकियाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में चौकी सराय की बगल में वर्षों से लोगों के कब्जे में रही नगर निगम की करोड़ों रुपये की जमीन को शुक्रवार को खाली करा लिया गया। भूमि पर हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त होने से रोकने के लिए महिलाएं जेसीबी के सामने आ गईं, जिनको महिला पुलिस ने जबरन हटाया।
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मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी बल तैनात होने की वजह से ज्यादा विरोध नहीं हो सका। नगर कोतवाली क्षेत्र की चौकी सराय की बगल में नगर निगम की करीब दो बीघा जमीन पर स्थानीय लोगों ने कब्जा किया हुआ था। यह कब्जा करीब 60 साल से चला आ रहा है।

मगर कागजों में यह जमीन नगर निगम के ही नाम है। पिछले कुछ दिन से नगर निगम अपनी संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने में जुटा है। इसी क्रम में नगर निगम की टीम शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार के नेतृत्व में उक्त भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए जेसीबी लेकर पहुंची।
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भूमि पर लोगों ने टीनशेड के साथ ही पक्के निर्माण भी किए हुए थे। टीम के साथ भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात रहा। जैसे ही जेसीबी ने अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू किया तो महिलाएं बच्चों को लेकर जेसीबी के सामने अड़ गईं और ध्वस्तीकरण की विरोध करने लगीं।

मौके पर मौजूद महिला पुलिस ने उन्हें जबरन जेसीबी के सामने से हटाया। ऐसा एक नहीं करीब चार बार हुआ। इसके बाद कब्जा करने के आरोपियों ने भी महिलाओं को समझाया और अपना सामन खुद ही हटाना शुरू किया।

साथ ही जेसीबी ने भी अपना काम शुरू कर दिया। करीब चार घंटे में जेसीबी ने भूमि पर हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। मौके पर सीओ प्रथम सुरेंद्रदास, नगर निगम के चीफ इंजीनियर जितेंद्र केन, एई बिजेंद्रपाल, जेई श्याम बिहारी अग्रहरि समेत तमाम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। 

जिस भूमि को खाली कराया गया है। उसी की बगल में जुबली पार्क है। नेहरू मार्केट के अनेक दुकानदारों ने अपनी दुकानें पीछे की ओर जुबली पार्क की भूमि पर करीब तीस फुट तक बढ़ाई हुई हैं।

शुक्रवार को चौकी सराय की बगल में कब्जे को ध्वस्त करा रहे सिटी मजिस्ट्रेट ने नगर निगम के एई बिजेंद्रपाल से पूूछा कि नेहरू मार्केट के लोगों ने दुकानें पीछे कैसे बढ़ा ली हैं। क्या यह कब्जा नहीं है? एई ने बताया कि उक्त दुकानदारों के पास रजिस्ट्री है।

इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने नाराजगी व्यक्त की। कहा कि यदि कोई ताज महल की रजिस्ट्री करा देगा तो वह किसी का हो जाएगा। उन्होंने रजिस्ट्री की जांच कराने को कहा, जिससे यह पता चल सके कि पार्क की जमीन की रजिस्ट्री किसकी मिलीभगत से हुई।

यदि इसमें नगर निगम के लोग दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्घ कार्रवाई हो। दस से 15 दुकानदारों ने पीछे दुकानें बढ़ाई हुई हैं। उधर, जेसीबी देखकर उक्त दुकानदारों के होश उड़े नजर आए। अपनी दुकानें बचाने के लिए वह अधिकारियों के चक्कर काटते नजर आए। 

शुक्रवार को चौकी सराय में भूमि खाली कराने का विरोध राजनीतिक स्तर पर भी हुआ। कांग्रेस के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष जावेद साबरी, नौमान मसूद के बेटे हमजा मसूद समेत कई लोग नगरायुक्त गौरव वर्मा से मिलने पहुंचे थे।

कांग्रेसियों की मांग थी कि जिन लोगों को भूमि से हटाया जा रहा है उनको नगर निगम किसी अन्य जगह पर जगह मुहैया कराए। नगरायुक्त का कहना था कि अवैध रूप से रहने वालों को जगह मुहैया कराने का सवाल नहीं उठता है।

इस बात को लेकर कांग्रेसियों और नगरायुक्त के बीच नोकझोंक भी हुई। उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने डीएम पीके पांडेय से मुलाकात कर भूमि से हटाए जा रहे लोगों को जगह मुहैया कराने की मांग की। कार्यवाहक जिलाध्यक्ष जावेद साबरी ने बताया कि डीएम ने जगह मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। 

चौकी सराय के पास नगर निगम की भूमि से हटाए गए लोग कोर्ट से भी केस हार गए हैं। उनका कोई क्लेम नहीं बनता। ऐसे में उनको जगह मुहैया कराने का मतलब नहीं बैठता। यदि कोई व्यक्ति गरीबी रेखा से नीचे हो तो उसके बारे में विचार किया जा सकता है। इसके अलावा नेहरू मार्केट के दुकानदारों ने जुबली पार्क की भूमि पर जो दुकानें बढ़ाई हुई हैं। उनको चिह्नित कराया जा रहा है। जो भी अवैैध कब्जे हैं उनको सख्ती के साथ हटाया जाएगा। 
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 पीके पांडेय, डीएम। 
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