सहारनपुर जिला महिला अस्पताल में सोमवार दोपहर एक महिला ने वार्ड से नवजात को चोरी कर लिया। कपड़ों में लिपटे बच्चे को गोद में उठाकर वह वार्ड से बाहर निकलने लगी। लेकिन तभी बच्चे की दादी ने पीछा करके गेट के बाहर पहुंचकर महिला से बच्चा छीन लिया। मौके पर इकट्ठा लोगों ने आरोपी महिला की पिटाई कर दी और फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके घर में बेटा नहीं, सिर्फ एक बेटी है। बेटे की चाहत में ही वह चोरी कर बैठी।
ननौता क्षेत्र के मोहल्ला शेखजादगान निवासी रचना पत्नी दिनेश को शुक्रवार प्रसव पीड़ा होने पर महिला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां रचना ने बेटे को जन्म दिया। सोमवार दोपहर करीब सवा 12 बजे रचना बेड पर लेटी थी। उसके पास ही नवजात लेटा था। बच्चे की दादी सरोज पास में ही बेंच पर लेटी थी।
रातभर जागने के कारण उसे नींद आ रही थी। इसी दौरान वार्ड में एक महिला घुसी, जो इधर उधर नजर घुमाने के बाद रचना के बेड पर लेटे बच्चे को उठाकर चल दी। बगल के बेड पर लेटी दूसरी महिला ने शोर मचाया। सरोज भी एकाएक उठी और शोर मचाते हुए महिला के पीछे दौड़ पड़ी। कमरे के बाहर गेट के पास ही सरोज ने आरोपी महिला को पकड़ लिया और उसकी गोद से बच्चे छीन लिया।
इसके बाद काफी लोग इकट्ठा हो गए तथा बच्चा चोरी करने की आरोपी महिला की पिटाई भी कर दी गई। अस्पताल स्टाफ आरोपी महिला को सीएमएस डॉक्टर अनीता जोशी के पास ले गए। उन्होंने थाना जनकपुरी पुलिस को बुलाया। बाद में आरोपी महिला को पुलिस के हवाले कर दिया। उधर,पूछताछ में आरोपी महिला ने अपना नाम मंजू पत्नी नरेंद्र निवासी मोहल्ला सराय देवबंद बताया है। आरोपी महिला के खिलाफ बच्चे के दादा ऋषिपाल निवासी ननौता ने रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में जनकपुरी पुलिस ने महिला को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया।
अस्पताल में पहले भी हो चुकीं ऐसी घटनाएं
जिला महिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को अलर्ट रहने का अनाउसमेंट लगातार होता है। इसके बावजूद बच्चा चोर सक्रिय हैं। मार्च 2015 में महिला जिला अस्पताल में नर्स पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया गया था। सितंबर 2017 में महिला की गोद से
बच्चा छीनने का मामला सामने आया था। जनवरी 2018 में बच्चा बदलने का मामला सामने आया था। जून 2018 में अस्पताल से बच्चा चोरी हुआ था। डिलीवरी के बाद बेटा पैदा होने पर परिजनों से सुविधा शुल्क मांगने का मामला सामने आया था।
बच्चा चोरी और अन्य प्रकार के गलत कार्यों को रोकने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से कड़े कदम उठाए गए हैं। 16 कैमरे अकेले महिला अस्पताल में वार्डों और गैलरी आदि में लगाए गए हैं। साथ ही हम 24 घंटे अनाउसमेंट कर तीमारदारों को अलर्ट करते हैं। इसके बावजूद घटनाएं होने का मतलब है कि किसी स्तर पर लापरवाही है। तीमारदारों को चाहिए कि वह और अधिक सचेत बनें और घटनाएं रोकने में अस्पताल प्रशासन का साथ दें।
डॉक्टर अनीता जोशी, सीएमएस।
महिला ने अपना नाम मंजू पत्नी नरेंद्र बताया है, जो देवबंद की रहने वाली है। महिला का कहना है कि उसके यहां तीन साल की बेटी है, बेटे की चाहत में बच्चा चोरी कर लिया। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी महिला को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया है। - सुशील दुबे, प्रभारी जनकपुरी थाना।