हसनपुर चौकी पर हिंदू सगंठनों द्वारा पकड़ी गई गाय।
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गौवंश कटान की नीयत से गाय ले जाते समय पकड़े गए कुछ लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार दोपहर हसनपुर चौकी पर करीब एक घंटे तक हंगामा हुआ। चौकी प्रभारी ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए बेची गई गाय वापस करा दी। इसके बाद ही हंगामा शांत हुआ।
हसनपुर चौकी पर हंगामा कर रहे हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बताया कि रविवार दोपहर सर्किट हाउस रोड पर जेजेपुरम की पुलिया के पास छोटे हाथी में गाय ले जाई जा रही थी।
कटाने के शक में एक महिला और उसके साथ जा रहे युवक से पूछताछ की गई तो उन्होंने उलटे पुलटे जवाब दिए। शक बढ़ने पर गाय और उसे ले जा रहे लोगों को हसनपुर चौकी लाया गया। हंगामे के समय चौकी प्रभारी संजीव यादव मौजूद नहीं थे।
वहां मौजूद पुलिस कर्मियों के सामने कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गोवंश कटान के मकसद से ही गाय बेहद कम कीमत पर खरीदी गई। इस मामले में पूरी जांच कर कार्रवाई की जाए।
गाय ले जा रहे लोगों में शामिल महिला साबरीन ने पुलिस को बताया कि उसने वेद विहार निवासी सोनू से आठ हजार रुपये में यह गाय खरीदी है। सोनू और उसके साथ आई महिला ऊषा ने बताया कि उसे पैसों की सख्त जरूरत थी।
इसलिए इन लोगों को गाय बेच दी। जब साबरीन से पूछा गया कि वह कहां रहती है? तो पहले तो वह सोनू के पड़ोस में ही रहना बताती रही है। मगर, बाद में कहा कि वह खाताखेड़ी की रहने वाली है।
उसके साथ आए शख्स को कभी देवर तो कभी पति बताया। इस तरह की बयानबाजी के कारण साबरीन और हंगामा करने वाली महिलाओं में जमकर नोंकझोंक हुई।