सहारनपुर के देवबंद में डकैतोें के गैंग का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा करते हुए गैंग लीडर समेत दो लोगों को दबोचा है। उनके कब्जे से पुलिस को भारी मात्रा में असलाह भी बरामद हुआ।
बदमाशों का अगला मंसूबा क्या था तथा बरामद हथियार वह किसको सप्लाई करने वाले थे, पुलिस इसी पड़ताल में जुट गई है। कोतवाली में पत्रकार वार्ता में सीओ नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि मुखबिर से पुलिस को वाल्मीकि बस्ती स्थित एक घर में बदमाशों के छिपे होने की सूचना मिली थी।
एसएसपी के आदेश पर प्रभारी निरीक्षक चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में एसएसआई राजीव यादव, संजय सिंह, जितेंद्र भाटी, मीर हसन, सुमित तोमर आदि की टीम ने 5 दिसंबर की रात साढ़े आठ बजे वाल्मीकि बस्ती में छापेमारी कर सोनू उर्फ भूरा पुत्र बलवीर निवासी वाल्मीकि बस्ती व प्रदीप उर्फ दीपू पुत्र सुरेंद्र निवासी मीरपुर (नागल) को गिरफ्तार कर लिया।
जिनके कब्जे से सट्टे की पर्चियां, रजिस्टर, दो अध्धे 315 बोर, एक तमंचा 315 बोर, एक तमंचा 312, 35 कारतूस, दो देशी राइफलें, तीन खोखे तथा 1543 रुपये की नगदी बरामद की गई।
सीओ ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश सोनू व प्रदीप शातिर किस्म के अपराधी हैं। अभियुक्तों से बरामद असलाह की खरीद फरोख्त के संबंध में जांच की जा रही है। सोनू उर्फ भूरा ऋषिकेश (उत्तराखंड) में 2008 में पड़ी डकैती में जेल जा चुका है।
ऋषिकेश थाने में उसके खिलाफ मामला पंजीकृत है। गिरफ्तार बदमाशों को पुलिस ने जेल भेज दिया। साथ ही पुलिस उनके अन्य साथियों का भी पता लगा रही है।