खंडित की गई डा. अंबेडकर और हाथी की प्रतिमाएं।
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लच्छीपुर गांव में सोमवार की रात असामाजिक तत्वों ने निर्माणाधीन बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। घटना के विरोध में मंगलवार को दलित समाज के लोगों ने हंगामा करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सूचना पर अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। गुस्साए लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। पुलिस ने दो दलित युवकों को हिरासत में लिया है।
नूरपुर से सटे लच्छीपुर गांव में सोमवार की रात असामाजिक तत्वों ने निर्माणाधीन बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा और उनके निकट हाथियों की प्रति को खंडित कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह, सीओ योगेंद्रपाल सिंह और कोतवाल आरएन सिंह यादव पुलिस बल के साथ लच्छीपुर पहुंचे। भीम सेना समेत अन्य दलित समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट और हंगामा करने लगे।
भीम सेना और बसपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने निकट स्थित गांव के कई लोगों पर मूर्तियों को खंडित करने का आरोप लगाया। मामले का पटाक्षेप होने के बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया। गांव के रामकुमार पुलिस को दी तहरीर में रवि कुमार को आरोपित किया है। पुलिस के मुताबिक शराब के नशे में सोमवार की रात रामकुमार का रवि के साथ झगड़ा हुआ था। दोनों के झगड़े के दौरान धक्का लगने पर प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
ग्राम प्रधान की भूमिका संदिग्ध, होगी जांच
ग्राम प्रधान ने पूरे प्रकरण को गलत हवा दी है। जिससे क्षेत्र का माहौल भी खराब हो सकता था। घटना के बाद प्रधान ने आसपास के गांव व कुछ बसपा नेताओं को फोन कर भ्रामक प्रचार किया। जिसके चलते प्रधान की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। प्रधान समेत माहौल बिगाड़ने वाले पर कार्रवाई होगी।
- योगेंद्र पाल सिंह, सीओ देवबंद