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मनचलों के डर से तीन बहनों ने पढ़ाई छोड़ी

Sun, 04 Sep 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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 एक ओर जिले में जहां बदमाश हावी हो रहे हैं। वहीं मनचलों ने भी लड़कियों और उनके परिजनों का जीना मुश्किल कर दिया है। मनचलों ने तीन बहनों का घर से निकलना तक दूभर कर दिया हुआ है। मामना थाना जनकपुरी क्षेत्र से जुड़ा है। लाचार मां ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर बेटियों की सुरक्षा की गुहार लगाई है। 
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एक होटल में गार्ड की नौकरी करने वाला व्यक्ति कई साल से बीमार हैं। वह अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ थाना जनकपुरी क्षेत्र में रहते हैं। उनका घर थाने से मात्र 200 मीटर दूर है। जब से बेटियां बड़ी हुई हैं, तब से मनचलों ने उनका चैन छीना हुआ है। पिता बीमार हैं और कोई भाई नहीं है। ऐसे में मनचले स्कूल और कोचिंग में जाते और लौटते हुए तीनों बहनों के साथ छेड़छाड़ करते हैं। कई बार स्कूल जाते हुए छोटी बेटी का हाथ तक पकड़ चुके हैं।

मनचलों के डर की वजह से बीमार पिता अपनी बेटियों को स्कूल और कोचिंग में छोड़ने और लेने खुद जाते थे। मगर इसके बाद मनचलों ने घर के बाहर ही खड़े होना शुरू कर दिया। आरोप है कि मनचले घर के बाहर खड़े होकर बेटियों पर अश्लील टिप्पणी करते आ रहे हैं। इसे लेकर उनका मनचलों के साथ झगड़ा भी हो चुका है, जिसमें मनचलों ने परिजनों के साथ घर में घुसकर मारपीट की। पीड़िता ने थाना जनकपुरी से कार्रवाई की गुहार लगाई।
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आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित परिवार पर ही दबाव बनाकर समझौता करा दिया। समझौता होने के बाद मनचलों ने पीड़िता के घर पर हमला कर दिया और रामलाल की पत्नी के कपड़े तक फाड़ दिए। 

पीड़िता दोबारा शिकायत करने पहुंची तो पुलिस ने उसे खदेड़ दिया। इसी वजह से मनचलों के हौसले बुलंद हैं, जिनकी वजह से बेटियां पढ़ाई छोड़कर घर बैठ गई हैं। पीड़िता तीनों बेटियों की सुरक्षा को लेकर वह चिंतित हैं। बेटियों की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इसके अलावा डीएम और एसएसपी को भी शिकायती पत्र सौंपा गया है।
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