सहारनपुर के देवबंद में फाइनेंस कंपनी में 5 सितंबर को हुई ढाई लाख की डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने ही बदमाशों के साथ मिलकर डकैती का पूरा षड्यंत्र रचा था।
बदमाशों ने मात्र 1.38 लाख रुपये की डकैती डाली थी। बाकी रुपये कंपनी के कर्मचारियों ने आपस में बांट लिए थे। पुलिस ने इस मामले में कंपनी की एक महिला कर्मचारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत किया है।
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि डकैती बंधन बैंक में नहीं बल्कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी में हुई थी। उन्होंने बताया कि कंपनी फाइनेंस कंपनी में काम करने वाली महिला कर्मचारी की मुखबिरी पर चार बदमाशों ने डकैती को अंजाम दिया।
महिला कर्मचारी ने बताया कि उसकी जान पहचान महताब उर्फ बेचैन से थी। उसने उसे कंपनी में रुपये आने की बात कही और डकैती का षड्यंत्र रचा। महिला कर्मचारी की मुखबिरी पर चार बदमाशों ने हथियारों के बल पर फाइनेंस कंपनी में डकैती डाली। बदमाशों ने कंपनी से 1.38 लाख रुपये लूटे थे।
पुलिस ने बुधवार की रात मुखबिर की सूचना पर देवबंद में बस अड्डे के पास से एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 25 हजार रुपये, एक तमंचा एवं एक कारतूस बरामद किया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम हसीन निवासी कोला बस्ती मंगलौर बस स्टैंड के पीछे देवबंद, दिलशाद उर्फ दूधवाला निवासी रविदास मार्ग थाना देवबंद एवं महिला इसी कंपनी की कर्मचारी है।
पांच सितंबर को लगभग 8 लाख रुपये का कलेक्शन किया था। जिसमें से 4 लाख रुपये का लोन दे दिया गया। शेष चार लाख रुपये उन्होंने कंपनी में जमा करा दिए।
पांच सितंबर को महिला कर्मचारी की सूचना पर महताब, दिलशाद उर्फ दूधवाला, हसीन एवं एक अन्य के साथ हथियार लेकर पहुंचे और काउंटर पर रखे 1.38 लाख रुपये लूट लिए। शेष रुपये कर्मचारियों ने आपस में छह बराबर बांट लिए।
डकैती में शामिल महताब उर्फ बेचैन सरसावा में एक मामले में जेल जा चुका है। कुछ अन्य कर्मचारियों को भी चिन्हित किया गया है।