सहारनपुर के सरसावा में पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले को लेकर दलितों ने रविवार को सुबह फिर से थाना में पहुंचकर हंगामा किया और जीप चालक के खिलाफ तहरीर दी।
इस मामले में अब तक छह लोगों के खिलाफ तहरीर दी जा चुकी है। जिनमें से पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या तथा एससी एक्ट का मुकदमा लिखा जा चुका है।
ग्राम सोराना के समीप एक बाग में संदिग्ध रूप से पेड़ पर लटके पाए गए दलित युवक धर्मेंद्र की मौत का मामला पुलिस के लिए भारी पड़ गया है। शनिवार की रात लोगों ने थाने का घेराव कर हाईवे जाम कर दिया और पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था।
मृतक धर्मेंद्र के पिता चूहड़ सिंह ने एसओ संजय पांडेय, कांस्टेबल संदीप, तरुण, रविंद्र तथा जितेंद्र को आरोपी बनाते हुए नामजद तहरीर दी। जिसके बाद शनिवार रात पांचों के विरुद्ध हत्या तथा एससी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।
रात में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही दलित शांत हुए। जिस पर एसएसपी लव कुमार ने एसओ समेत चार पुलिसकर्मियों को शनिवार को ही निलंबित कर दिया था। कांस्टेबल तरुण का नाम बाद में शामिल किया गया था।
रविवार को सुबह सैकड़ों दलितों ने फिर थाना घेर लिया तथा जमकर पुलिस और प्रशासन विरोधी नारेबाजी की। मृतक के पिता चूहड़ सिंह ने जीप चालक गिरवर सिंह के खिलाफ तहरीर देते हुए गंभीर आरोप लगाए।
नगर के कुछ लोगों तथा एसपी देहात रफीक अहमद के समझाने पर लोग शांत हुए। इसके बाद लोगों की मौजूदगी में युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सीसीटीवी कैमरा बंद होने के संबंध में कार्यवाहक थानाध्यक्ष बासित सिद्दीकी ने बताया कि सभी कैमरे चालू हालत में हैं उन्होंने बताया कि कैमरों में डीवीआर नहीं होती है वे सीधे लखनऊ मुख्यालय से जुड़े रहते हैं।