पंचायत चुनाव में वेस्ट यूपी के बदमाशों को 25-25 हजार रुपये में ही मौत का सामान बेचा जा रहा है। वैध तरीके से 32 बोर की जिस देशी पिस्टल और कारतूस को खरीदने में 80,000 रुपये से एक लाख तक खर्च करने पड़ जाते हैं। उससे एक चौथाई कीमत में ही अवैध रूप से देशी पिस्टलें बदमाशों तक पहुंचाई जा रही हैं।
पंचायत चुनाव में अवैध रूप से हथियारों की सप्लाई करने वाला एक बदमाश स्वाट टीम और थाना मंडी पुलिस ने पकड़ा है। उसके कब्जे से 32 बोर की चार देशी पिस्टलें, आठ मैगजीन और 14 कारतूस बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरपी यादव ने बताया कि पंचायत चुनाव के दौरान की जा रही निगरानी के दौरान स्वाट टीम और थाना मंडी पुलिस ने एक सूचना पर शनिवार रात मंडी समिति रोड से अवैध हथियारों के सप्लायर को दबोचा। एसएसपी ने बताया कि यह सप्लायर मुजफ्फरनगर के नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव शेरपुर का निवासी अब्दुल कादिर है। शुरुआती जांच में कादिर ने बताया है कि कई साल से वह अपने पिता ताहिर के साथ इस धंधे में लगा है।
एसएसपी ने बताया वेस्ट यूपी के कई बदमाशों को 25-25 हजार रुपये में देशी पिस्टलें बेची जा रही थी। अब्दुल कादिर कुछ पिस्टलें सहारनपुर में ही किसी बदमाश तक पहुंचाने वाला था।अवैध पिस्टलें लेने वाले और आगे इसकी सप्लाई का आर्डर देने वाले बदमाशों के बारे में भी छानबीन की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि स्वाट टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई।
मेरठ के लिसाड़ी गेट के हाजी से पिता लाकर देता था पिस्टलें
एसएसपी यादव ने यह भी बताया कि अब्दुल कादिर अपने पिता के साथ ही हथियारों की सप्लाई का काम करता रहा है। पूछताछ में कादिर ने बताया कि उसका पिता मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के समर गार्डन के पास एक व्यक्ति से अवैध हथियार लाकर देता था। इसके बाद वेस्ट यूपी में अलग-अलग गिरोह से जुड़े बदमाशों तक इन्हें आर्डर के हिसाब से पहुंचाया जाता था, इसकी छानबीन चल रही है।
विदेशी पिस्टलों की करेंगे पड़ताल
एसएसपी ने कहा कि बरामद की गई पिस्टलें देशी और 32 बोर की हैं। अवैध हथियारों की सप्लाई में विदेशी पिस्टलों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। बदमाशों को अवैध हथियारों की सप्लाई में किसी सियासी दल की भूमिका की संभावना के बारे में अभी कुछ नहीं बताया गया है।