सहारनपुर में रिहायशी इलाके में पटाखे का बड़ा कारोबार कर हजारों लोगों की जिंदगी खतरे में डालने वाले कारोबारी पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
छापेमारी के बाद पुलिस की जांच में कई झोल सामने आए हैं। रिहायशी इलाके में अपने घर के परिसर में बारूद का गोदाम (मैगजीन) बना रखा था। इसके अलावा अनार और फुलझड़ी के लाइसेंस पर कई तरह के विस्फोटक बनाए जा रहे हैं। जांच के आधार पर पुलिस अब चोपड़ा फायर वर्क्स के लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति करेगी।
एसएसपी मनोज तिवारी ने शिकायत के आधार पर रविवार को गंगोह रोड स्थित चोपड़ा फायर वर्क्स पर स्वाट टीम से छापेमारी करवाई। इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता और तकनीकी नियमों की आड़ में झोल सामने आया।
दरअसल, कई वर्ष पहले बने बारूद (मैगजीन) के गोदाम परिसर को ही कारोबारी ने अपना घर बना लिया। इसके बाद रिटेल काउंटर से पटाखा बेचना भी शुरू कर दिया।
इसमें इस बात की आशंका जताई गई है कि बिना लाइसेंस और कागजात देखे दुकानदारों को दिए जा रहे पटाखे से अवैध कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस फैक्ट्री के पास अनार और फुलझड़ी बनाने का लाइसेंस है, मगर इसकी आड़ में बड़े पैमाने पर दूसरे पटाखे तैयार किए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार फैक्ट्री के आसपास कारोबारी ने ही बड़ी रिहायशी कालोनी तक विकसित कर दी। मैगजीन की बात छिपाकर रिहायशी कालोनी से लोगों की जान भी खतरे में डाला जा रहा है।
इस मामले में सुभाष फायर वर्क्स के मालिक सुभाष चोपड़ा का कहना है कि हमारा काम नियमानुसार है। हमने पुलिस को अपना पक्ष दे दिया है। एसएसपी मनोज तिवारी का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।
बिना अनुमति पटाखा बनाने और उसे बिना पड़ताल के बेचा जा रहा है। संबंधित अथारिटी को लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी और जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि फैक्ट्री में तैयार किए जा रहे पटाखों की बड़ी खेप शहर में दुकान लगाने वाले खरीदते हैं। यहां से पटाखों की बिक्री के दौरान लाइसेंस और अन्य कागजात की जांच नहीं होने से शहर में अवैध पटाखा कारोबार को बढ़ावा देने का आरोप है।
रिहायशी कालोनियों के बीच कई पटाखा फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। ऐसे में पुलिस अब इन फैक्ट्रियों की जांच करेगी। शहर के बीच बिना लाइसेंस भी पटाखों को बनाने और बिक्री का काम धड़ल्ले से चल रहा है। इसके अलावा यहां से पटाखे दूसरे शहरों में भी भेजे जा रहे हैं। जबकि दूसरे शहरों में भेजने केे लिए ट्रांसपोर्टेशन लाइसेंस होना जरूरी है।