सहारनुर के बिहारीगढ़ के गांव कुरड़ीखेड़ा के पास बह रही नदी के किनारे गोवंशीय पशु का कटा सिर मिलने से तनाव हो गया। सूचना मिलते ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और पुलिस को सिर नहीं उठाने दिया। बाद में अफसरों ने फोन पर प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया तब लोगों ने सिर पुलिस को सौंपा। पुलिस ने सिर का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसे दबवा दिया।
सोमवार की सुबह गांव के लोग खेतों की तरफ गए थे। इसी दौरान एक ग्रामीण की नजर गांव के पास से बहने वाली नदी के किनारे पड़े गोवंशीय पशु के कटे सिर पर पड़ी तो उसने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी।
इसकी जानकारी मिलते ही मौके पर बजरंग दल व विहिप के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। वहां से थोड़ी दूर पर ही एक बछड़ा भी रस्सी से बंधा मिला। उसे मुक्त कराते हुए कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया।
एसओ बिहारीगढ़ जितेंद्र कुमार, सीओ बेहट इंदु सिद्धार्थ और एसडीएम बेहट वैभव शर्मा भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए। एसओ ने सिर को उठवाने का प्रयास किया तो हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया।
थानाध्यक्ष ने फोन पर कार्यकर्ताओं की बात अफसरों से कराई तो प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर वह मान गए। इसके बाद पुलिस ने सिर को मेडिकल परीक्षण के लिए मुजफ्फराबाद भिजवाया।
चिकित्सीय परीक्षण के बाद पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार गिल व डॉ. अनिल यादव ने बताया कि गोवंशीय पशु की हत्या बीती रात किसी वक्त हुई है।
थानाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार का कहना है कि गोवंशीय पशु का कटा सिर पानी में बहकर आया है। हालांकि गोवंश को मारा गया है, लेकिन घटना स्थल मालूम नहीं हो सका है। गांव के चौकीदार महेंद्र की तहरीर पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।