सहारनपुर में बच्ची चीखती, चिल्लाती रही, लेकिन दंरिंदों ने मासूम पर रहम नहीं किया। पहले दीपक और हिमांशु ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची ने चीखना शुरू किया तो दीपक ने उसका मुंह दबा दिया।
कुछ ही देर में मासूम बेहोश हो गई। वहशियों ने मासूम की हालत बिगड़ते देख उसकी हत्या करने की ठान ली और हिमांशु ने उसका गला दबा दिया। फिर भी संतुष्टि नहीं हुई तो बच्ची का स्वेटर उतारकर उसके बाजुओं से बच्ची के गले में कस कर गांठ बांध दी और तब तक कसते रहे, जब तक मासूम बेजान नहीं हो गई।
वहशी दरिंदों ने पुलिस के सामने जो दरिंदगी बयां की, उसे सुनकर हर कोई कांप उठा। उनकी बात सुनकर हर कोई उन्हें विकृत मानसिकता का ही मान रहा था। हिमांशु ने बताया कि वह 15 दिन से किसी के साथ दुष्कर्म करने की फिराक में थे।
एक हाथ से विकलांग 20 वर्षीय हिमांशु ने अपने मामा के यहां घाटेडा आए 20 वर्षीय दीपक निवासी सुनहटी खड़खड़ी के साथ रेप का प्लान बनाया और शिकार की तलाश में चल दिए।
16 जनवरी को दोपहर लगभग डेढ़ बजे स्कूल के सामने से होकर गुजर रहे थे। तभी स्कूल की छुट्टी हो गई। यहीं उनके दिमाग में शैतान जाग उठा और स्कूल की छोटी बच्ची को उठाने का फैसला कर लिया।
वह 7 साल की मासूम का पीछा करते हुए काफी दूर तक चले और रास्ता सुनसान देखकर वहशीपन की घटना को अंजाम दे डाला। दीपक की गांव की किसी लड़की से पहले से ही जान पहचान थी और वह हिमांशु के साथ मिलकर ही उसके साथ फोन पर लड़की के साथ अश्लील बातें करता था। उसके कई लड़कियों से संबंध बताए जा रहे हैं। इससे दोनों का दिमाग विकृत प्रकृति का हो गया था।