सहारनपुर सुलगने के बाद बुधवार को शांत नजर आया। रामनगर, हलालपुर और नाजिरपुरा में शांति तो रही, लेकिन तनाव भी नजर आया। जगह-जगह न सिर्फ लोगों की बैठकें होती रहीं, बल्कि इन क्षेत्रों में आवागमन भी कम रहा।
मोहल्ला रामनगर में मंगलवार को हुई आगजनी, फायरिंग, तोड़फोड़ और मारपीट की घटना के बाद बुधवार को सन्नाटा नजर आया। पूरी सड़क पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
सदर कोतवाली की आवास विकास चौकी पर सदर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कालरा दिन भर मौजूद रहे। आगे रोड पर ग्रीन पैराडाइज कॉलोनी में महाराणा प्रताप भवन के सामने एसडीएम आरके गुप्ता, सीओ अब्दुल कादिर, ब्रिजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
उससे आगे रामनगर में आरएएफ की एक कंपनी मौजूद मिली। यहां पर लोग सड़क से दूर-दूर नजर आए। हालांकि जगह-जगह बैठकें होती रहीं। पुलिस को लोग दूर समूह में बैठे हुए देखते रहे।
महिलाएं भी घरों के झरोखों और छतों से पुलिस कार्रवाई को देखतीं रहीं। हालांकि पूरी तरह शांति बनी रही। मुख्य सड़क से लोगों का आवागमन अपेक्षाकृत काफी कम रहा।
ग्राम हलालपुर में पूरी तरह शांति नजर आई। जिस जगह पर बवाल हुआ था, उस जगह पर कुछ पत्थर ही पड़े नजर आए। जबकि आवागमन पूरी तरह से सामान्य हो गया था। यहां के लोग भी सामान्य रूप से नजर आए।
नाजिरपुरा में मंगलवार को हुई आगजनी के बाद माहौल शांत नजर आया। हालांकि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। लोगों का आवागमन भी सामान्य ही रहा। लेकिन कुछ दुकानें वहां पर बंद नजर आईं। वहां पर हंगामा जैसी कोई स्थिति नहीं मिली और न ही पुलिस ने एकत्रित होने दिया।
बवाली क्षेत्रों में शांति रहने से पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। अधिकारी एक छोर से दूसरे छोर पर लगातार दौड़ते रहे और वहां पर तैनात किए गए अधिकारियों को दिशा निर्देश देते रहे। लगातार बैठकें की गईं और शांति व्यवस्था की अपील की गई।