सहारनपुर के शब्बीरपुर में हुए जातीय संघर्ष के बाद नौ मई को दलितों के समर्थन में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के सड़कों पर उतर आने के बाद जनपद का माहौल और बिगड़ गया। तब से कुछ खुराफाती सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालकर अपनी भड़ास निकालने में लगे हैं और ऐसा दोनों ओर से किया जा रहा है। हालांकि पुलिस सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट को लेकर सजग बनी हुई है। कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है, मगर इसके बाद भी सोशल मीडिया पर खुराफात जारी है।
पांच मई को शब्बीरपुर में हुई घरों में आगजनी की घटना सोशल मीडिया पर पूरे देश में छाई हुई है। एक ओर जहां क्षत्रिय समाज के लोग शब्बीरपुर में हुई युवक की मौत से आहत हैं और बदला लेने की पोस्ट सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं, तो वहीं बवाल की जड़ भीम आर्मी भी जहरीले पोस्ट कर रहे हैं। इसमें दलित संगठन भी भीम आर्मी को समर्थन करते दिख रहे हैं। मेरठ में रहने वाले सहारनपुर के एक युवक ने अपने फेसबुक अकाउंट पर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सहारनपुर चलकर उन्हें सबक सिखाने की अपील अपने समाज से की है।
किसी ने हरियाणा का पुराना वीडियो शेयर किया है, जिसमें क्षत्रिय समाज का एक युवक सबक सिखाने की बात कह रहा है। उधर, अनेक लोगों ने बवाल के आरोपी और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के नए और पुराने वीडियो डाले हुए हैं, जिनमें वह चेतावनी देता नजर आ रहा हैं। इसके अलावा एक दलित संगठन से ताल्लुक रखने वाले एक युवक ने अपने व्हाट्सएप के प्रोफाइल में चंद्रशेखर का एक फोटो लगाया हुआ है। उसके साथ ही एक आपत्तिजनक टिप्पणी की हुई है, जो पुलिस और प्रशासन के लिए चेतावनी है।
इस प्रकार दोनों ओर से की जा रही भड़काऊ पोस्ट माहौल को खराब कर सकती हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि वह सोशल मीडिया पर पैनी नजर रख रहे हैं। अभी तक करीब आधा दर्जन ऐसे लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।