कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कालरा को शनिवार को अचानक हटा दिया गया। उनके तबादले को खनन माफिया के यहां दबिश से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ भी उनका एक विवाद सुर्खियों में रहा था। फिलहाल जितेंद्र कालरा को साइबर सेल का प्रभारी बना दिया गया है, जबकि रामपुर मनिहारान के प्रभारी वेद प्रकाश गिरी को बेहट कोतवाली प्रभारी बनाया गया है।
जितेंद्र कालरा को हटाए जाने से न सिर्फ पुलिस विभाग के कर्मचारी हैरत में हैं, बल्कि भाजपा नेता एवं अन्य लोग भी हैरत में है। जितेंद्र कालरा पर भाजपा पदाधिकारियों एवं मंत्रियों तक ने अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था। उस समय उन्होंने जितेंद्र कालरा को बेहट से हटवाने के लिए पुरजोर प्रयास किए थे, लेकिन उनको नहीं हटाया गया था।
शनिवार की सुबह अचानक जितेंद्र कालरा को हटाकर वेद प्रकाश गिरि को बेहट कोतवाली प्रभारी बना दिया गया था। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में जितेंद्र कालरा को हटाए जाने का कारण रात में दी गई दबिश को माना जा रहा है।
पिछले दिनों यमुना नदी में अवैध खनन करने वाले हरियाणा के खनन माफिया द्वारा पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई थी। इस मामले में धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया था। चर्चा है कि इस मामले को लेकर एक अधिकारी से बातचीत हो गई गई थी, लेकिन एसओ ने कार्रवाई कर दी।
जिस पर उस अधिकारी ने एसओ के खिलाफ उच्च अधिकारियों से शिकायत की और कहा कि गलत तरीके से मुकदमे में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई। जिसके बाद बेहट एसओ को हटाया गया। रामपुर मनिहारान के एसओ वेद प्रकाश गिरी को बेहट का चार्ज दिया गया।
जबकि शिकायत जांच प्रकोष्ठ प्रभारी चंद्र प्रकाश कठेरिया को रामपुर मनिहारान का प्रभारी बनाया गया। इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार का कहना है कि ऐसा कोई मामला नहीं है। कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रक्रिया के तहत स्थानांतरण किया गया है।