सहारनपुर से सवारियां छोड़कर जा रहे टेंपो चालक की बदमाशों ने भगवानपुर रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस हत्या का कारण रंजिश मानकर चल रही है।
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के ग्राम गढ़ी मीरपुर थाना बहादराबाद निवासी जाहिद अब्बासी ने बताया कि उनका बड़ा बेटा शाह आलम (30 वर्ष) टेंपो चलाता था। रविवार की शाम को शाह आलम बहादराबाद से सवारी लेकर सहारनपुर छोड़ने के लिए गया था। उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका।
उन्होंने मोबाइल पर फोन करने का प्रयास किया, लेकिन कोई संपर्क नहीं हो सका। उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार रात लगभग 9.30 बजे गागलहेड़ी के थाना क्षेत्र में भगवानपुर रोड पर बेहड़ी और ढाल्ला गांव के बीच बदमाशों ने टेंपो रोक कर शाह आलम को नीचे उतार लिया और उसकी गर्दन में गोली मारकर हत्या कर दी। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसकी तलाशी ली तो उसके पास से लगभग दो हजार रुपये एवं कागज मिले। कागजों के आधार पर उसकी शिनाख्त हुई। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी। रात में परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उसकी शिनाख्त की।
शाह आलम के पिता जाहिद अब्बासी ने बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। पता नहीं किसने उनके साथ दुश्मनी निकाली है। उन्होंने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लूट के लिए नहीं की गई हत्या
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार ने बताया कि लूट के लिए बदमाशों ने हत्या नहीं की है, क्योंकि उसके पास जो पैसे थे, वे जेब में ही मिले हैं। टेंपो भी उसके पास ही मिला है, उसे भी नहीं ले गए। हत्या का कारण कोई रंजिश अथवा विवाद हो सकता है।
पत्नी से कहा था कि जल्दी घर आ रहा है ः मृतक शाह आलम के पिता जाहिद अब्बासी ने रोते हुए बताया कि रात 9 बजे शाह आलम की उसकी पत्नी से फोन पर बात हुई थी। उसने कहा था कि वह जल्दी ही घर आ रहा है। लेकिन उसकी ये बात आखिरी बात रह गई। उसके बाद उसका फोन बंद हो गया। वह दो बच्चों का पिता था, लेकिन मोबाइल अभी तक गायब है।