सहारनपुर के देवबंद में दारुल उलूम वक्फ के छात्रों और समीप की कासमी कॉलोनी के युवकों में कहासुनी के बाद खूनी संघर्ष हो गया। दोनों ओर से लाठी डंडे और तेज धारदार हथियार चले, जिसमें तीन मदरसा छात्रों समेत चार लोग घायल हो गए।
नाजुक हालत के चलते दो लोगों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। संघर्ष की जानकारी होते ही पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को काबू में किया। घटना को लेकर मदरसा छात्रों ने कोतवाली का घेराव भी किया। जहां अधिकारियों को पीएसी बल बुलाना पड़ा।
शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे दारुल उलूम वक्फ के छात्र शाहनवाज, जैनुल आबदीन, वकील उर्फ रहमान, खलीलुर्रहमान और अब्दुल आजम खाना खाकर बाहर टहलने निकले थे।
रास्ते से गुजर रहा कासमी कॉलोनी निवासी सुहैल से किसी छात्र का कंधा टकरा गया। इसे लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद सुहैल अपने घर से परिजनों को बुलाया लाया और दोनों पक्ष भिड़ गए।
दोनों ओर से लाठी डंडे और तेज धारदार हथियार चले, जिसमें चारों छात्र और सुहैल घायल हो गया। खूनी संघर्ष की जानकारी मिलते ही कोतवाल विजय प्रकाश मय फोर्स मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाते हुए घायलों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां सुहैल समेत एक छात्र को नाजुक हालत के चलते जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर, मारपीट से गुस्साए सैकड़ों मदरसा छात्रों ने रात में ही कोतवाली का घेराव कर दिया और नारेबाजी करते हुए हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
हालात भांप पुलिस अधिकारियों को पीएसी बल बुलाना पड़ा। बाद में सीओ योगेंद्र पाल और दारुल उलूम वक्फ के कई उस्ताद कोतवाली पहुंचे जिन्होंने छात्रों को समझाकर वहां से वापस भेजा।
रविवार को पुलिस ने मदरसा छात्र शाहनवाज की तहरीर पर सुहैल, काजी नफीस, नजम जबकि सुहैल की तहरीर पर छात्र शाहनवाज, जैनुल आबदीन, वकील उर्फ रहमान, खलीलुर्रहमान और अब्दुल आजम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर कंधा लगने को लेकर मारपीट करने का आरोप लगाया है।