सहारनपुर में बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने की सरकार की मंशा पर अफसरशाही ने पलीता लगा दिया। सरकार की ओर से छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के लिए परिषदीय विद्यालयों में भेजे गए कंप्यूटर ही गायब हो गए।
जिले के एक भी विद्यालय में बच्चों को कंप्यूटर का क, ख, ग.. नहीं बताया गया। मामला सार्वजनिक हुआ तो कंप्यूटर की तलाश शुरू कर दी गई। एक दूसरे पर जिम्मेदारी मढ़ने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह नहीं पता चल पा रहा है कि आखिर कंप्यूटरों को धरती निगल गई या आसमान।
गौरतलब है कि जनपद के विभिन्न स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर कंप्यूटर भेजे गए थे, ताकि बच्चों को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी हो सके। बच्चों को कंप्यूटर की बेहतर शिक्षा देने के लिए कंप्यूटर अनुदेशक भी तैनात किए गए,
लेकिन सरकार की मंशा को अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों ने ही पलीता लगा दिया। बच्चों को कंप्यूटर की जानकारी तो दूर की बात, उनको यह तक नहीं बताया गया कि मॉनिटर, सीपीयू और माउस आदि कहते किसको है।
विद्यालयों में तैनात किए गए कंप्यूटर शिक्षकों से अब दूसरे विषय पढ़वाए जा रहे हैं। नकुड़ समेत विभिन्न ब्लॉकों के खंड शिक्षाधिकारियों ने विद्यालयों का सर्वे कर विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंपी है।
खंड शिक्षाधिकारियों की मानें तो विद्यालयों से ज्यादातर कंप्यूटर को तहसीलों में मंगवा लिए गए हैं। वहीं, कुछ चोरी हो गए, तो कुछ प्रधानाध्यापकों के घरों पर होने की चर्चा है।